सोमनाथ में शौर्य का महापर्व! 1000 साल बाद इतिहास को नमन, पीएम मोदी ने किया शहीदों को सलाम
गुजरात। पावन धरती सोमनाथ की ऐतिहासिक नगरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 और 11 जनवरी को दो दिवसीय खास कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। 10 जनवरी की रात प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ महादेव मंदिर पहुंचे और ओंकार मंत्र का जाप किया। पूरे मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार गूंज रहे थे और इसी दौरान भव्य ड्रोन शो ने सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास को रोशनी में उकेरा। शो में भारत की सभ्यता, आस्था और संघर्ष की कहानी दर्शाई गई, जिसने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने शौर्य यात्रा में कदम से कदम मिलाकर चलते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस आयोजन का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस साल महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण के 1000 साल पूरे हो रहे हैं। इतिहास गवाह है कि उस समय मंदिर को नष्ट करने का प्रयास किया गया, लेकिन भारतीय संस्कृति और आस्था को कोई खत्म नहीं कर सका।
शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और भगवान सोमनाथ से देश की उन्नति, एकता और सांस्कृतिक गौरव की कामना की। “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा, संस्कृति और शौर्य का प्रतीक है। यह उन बलिदानियों को याद दिलाता है जिन्होंने मंदिर और पूरी भारतीय सभ्यता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। पीएम मोदी की मौजूदगी में यह संदेश पूरी दुनिया को गया कि भारत झुकता नहीं, भूलता नहीं और अपने गौरव की रक्षा करना जानता है।
