ऊंचे कर और ऊर्जा लागत के चलते कई वैश्विक कंपनियों ने पाकिस्तान छोड़ा: वित्त मंत्री
नई दिल्ली। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने स्वीकार किया है कि ऊंचे करों और महंगी ऊर्जा लागत के कारण कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां देश छोड़कर चली गई हैं।
उन्होंने कंपनियों से अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर उन्हें ‘आधुनिक दुनिया’ के अनुरूप ढालने का आह्वान भी किया। हाल के वर्षों में प्रॉक्टर एंड गैम्बल, एली लिली, शेल, माइक्रोसॉफ्ट, उबर और यामाहा जैसी बड़ी कंपनियों सहित दर्जनों विदेशी कंपनियों ने “अत्यधिक कराधान” के चलते अपने कार्यालय पाकिस्तान से खाड़ी देशों और अन्य गंतव्यों में स्थानांतरित कर लिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊंचे कर और अवरोधक ऊर्जा शुल्क के मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि स्थानीय निवेशक भी लंबे समय से कारोबार की लागत कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग करते रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आर्थिक वृद्धि “अपने आप नहीं आएगी” और निवेश आकर्षित करने तथा मजबूत औद्योगिकीकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाने होंगे। इस बीच, टेलीनॉर ग्रुप ने भी पाकिस्तान से अपना कारोबार पूरी तरह समेट लिया है।
कंपनी ने टेलीनॉर पाकिस्तान को पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड (पीटीसीएल) को बेचने की प्रक्रिया पूरी होने की घोषणा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कारोबार का माहौल लगातार कठिन होता जा रहा है। कतर स्थित अल थानी ग्रुप पाकिस्तान से बाहर निकलने वाली विदेशी कंपनियों की सूची में ताजा नाम है। आर्थिक अनिश्चितता और राजनीतिक अस्थिरता के चलते कंपनी ने पाकिस्तान सरकार द्वारा बकाया भुगतान में देरी पर असंतोष जताया और भुगतान में चूक होने की स्थिति में परिचालन निलंबित करने की चेतावनी दी थी। यह जानकारी ब्रिटेन स्थित एशियन लाइट अखबार में प्रकाशित एक हालिया लेख में दी गई है।
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