मुजफ्फरनगर: ब्रह्मा बाबा के स्मृति दिवस पर दिव्य अनुभूति भवन में उमड़ी श्रद्धा, राजयोग और श्रेष्ठ संस्कारों का लिया संकल्प
बी.के. जयंती दीदी बोलीं- ब्रह्मा बाबा का जीवन विश्व कल्याण और आत्मिक जागरण के लिए था समर्पित; 140 देशों में फैल रहा है राजयोग का संदेश
मुजफ्फरनगर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक पिता ब्रह्मा बाबा के अव्यक्त दिवस (स्मृति दिवस) के पावन अवसर पर मुजफ्फरनगर के बामनहेड़ी स्थित दिव्य अनुभूति भवन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने राजयोग ध्यान के माध्यम से गहन शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
त्याग और सेवा का अनुपम उदाहरण थे ब्रह्मा बाबा केशवपुरी सेवा केंद्र की इंचार्ज राजयोगिनी बी.के. जयंती दीदी ने ब्रह्मा बाबा के प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1876 में हैदराबाद (सिंध) में जन्मे बाबा एक सफल व्यवसायी थे। ईश्वरीय आह्वान के बाद उन्होंने वैभव और प्रतिष्ठा का त्याग कर अपना संपूर्ण जीवन आत्मिक जागरण के लिए समर्पित कर दिया। उनकी शिक्षाएं आज विश्व के 140 से अधिक देशों में लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाने का संकल्प कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने ब्रह्मा बाबा द्वारा बताए गए चार प्रमुख स्तंभों— पवित्रता, सरलता, सहनशीलता और नि:स्वार्थ सेवा— को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। राजयोग ध्यान के विशेष सत्र ने वातावरण को दिव्य शांति से भर दिया। कार्यक्रम में ब्रह्मवत्सों को प्रेरक वरदान लिखे हुए बैज भी प्रदान किए गए।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति कार्यक्रम में बी.के. सरला, रिया, विधि, शीतल, शालिनी, राधिका, सविता, गीता, अंजू बहिन, बी.के. नवनीत, नरेश, कपिल, विजय, राजपाल सिंह, कृष्णपाल, डॉ. शैलेश, सुशील, सतीश वर्मा और जिला मीडिया प्रभारी केतन कर्णवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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