मुजफ्फरनगर: 43 दिन की कठोर 'जलधारा तपस्या' का शाही समापन, महंत कन्हैया गिरी ने 108 घड़ों के जल से किया स्नान
मुजफ्फरनगर। नगर के हृदय स्थल स्थित प्राचीन शिव पीठ मंदिर में भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कड़कड़ाती ठंड के बीच पिछले 43 दिनों से चल रही महंत कन्हैया गिरी की कठिन 'जलधारा तपस्या' का रविवार को विधि-विधान के साथ समापन हो गया। विश्व शांति और जन कल्याण के संकल्प के साथ की गई इस साधना की पूर्णाहुति पर शाही स्नान का आयोजन किया गया।
सनातन धर्म में तप ही शक्ति: महंत कन्हैया गिरी तपस्या समापन के बाद महंत कन्हैया गिरी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म में तपस्या का विशेष महत्व है। यह 43 दिवसीय साधना राष्ट्र की उन्नति, सुख-समृद्धि और सर्वसमाज के कल्याण के लिए समर्पित थी। उन्होंने समाज को धर्म के मार्ग पर चलने और आपसी भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया।
हवन-यज्ञ और विशाल भंडारा तपस्या की सफलता पर मंदिर में विशाल हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। कार्यक्रम के अंत में आयोजित विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति और स्वयंसेवकों ने पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया।
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