भारत की विकास गाथा को कमजोर करने के लिए मनगढंत कहानियों का मुकाबला करने की आवश्यकता: धनखड़
नयी दिल्ली -उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गलत सूचनाओं और जानकारियों को आक्रमण का एक नया तरीका करार देते हुए कहा है कि भारत की विकास गाथा को रोकने के लिए इनका सामना करना आवश्यक है। श्री धनखड़ ने बुधवार को उप राष्ट्रपति निवास में भारतीय सूचना सेवा की परीक्षा अध्ययन अधिकारियों को संबोधित करते हुए […]
नयी दिल्ली -उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गलत सूचनाओं और जानकारियों को आक्रमण का एक नया तरीका करार देते हुए कहा है कि भारत की विकास गाथा को रोकने के लिए इनका सामना करना आवश्यक है।
श्री धनखड़ ने बुधवार को उप राष्ट्रपति निवास में भारतीय सूचना सेवा की परीक्षा अध्ययन अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा सूचना परिदृश्य को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क और सजग रहना चाहिए। उन्होंने सूचना अधिकारियों को
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगरः महिला को सम्मोहित कर कुंडल चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, सोने का कुंडल बरामद“लोकतंत्र और राष्ट्रवाद के वास्तविक रक्षक” बताया और कहा कि भारत अवसरों और निवेशों की भूमि है और इनको बढ़ाने में प्रभावी संचार की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने ‘सूचनाओं की डंपिंग’ को ‘आक्रमण का एक और तरीका’ बताते हुए इसे बेअसर करने के लिए साहसिक और प्रभावी कदम उठाने को कहा।
उपराष्ट्रपति ने भारत की विकास गाथा को कमजोर करने के लिए गलत सूचनाओं और जानकारियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां