सरकार ने सोनम वांगचुक पर लगा NSA हटाया, जोधपुर जेल से 170 दिन बाद रिहा होंगे
नई दिल्ली/जोधपुर। केंद्र सरकार ने लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) हटा दिया है। शनिवार को गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के बाद अब वांगचुक की जोधपुर जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। वे पिछले करीब साढ़े पांच महीने (170 दिन) से हिरासत में थे।
लेह हिंसा के बाद हुई थी गिरफ्तारी
सोनम वांगचुक को पिछले साल 26 सितंबर को लद्दाख प्रशासन ने हिरासत में लिया था। उन पर 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा भड़काने का गंभीर आरोप लगाया गया था। उस हिंसा में 4 लोगों की जान चली गई थी और 150 से अधिक लोग घायल हुए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन पर एनएसए (NSA) के तहत कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
गृह मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से वापस लिया आदेश
गृह मंत्रालय के अनुसार, वांगचुक ने एनएसए के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है। सरकार ने इस आदेश को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है। लद्दाख में शांति बहाली और वर्तमान परिस्थितियों की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया माना जा रहा है।
समर्थकों में खुशी की लहर
वांगचुक की रिहाई की खबर मिलते ही लद्दाख और उनके प्रशंसकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है। पर्यावरण संरक्षण और लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर मुखर रहने वाले वांगचुक की गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी थी। उम्मीद जताई जा रही है कि रिहाई की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वे जल्द ही अपने पैतृक क्षेत्र लद्दाख लौट सकेंगे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां