तांत्रिक बनकर घूम रहे गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ में “राजा-महाराजा काल का जमीन में दबा खजाना” ढूंढने का लालच देकर ग्रामीणों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सदर थाना पुलिस ने किले के पीछे सुनसान इलाके में दबिश देकर चार आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। आरोपित डिटेक्टर मशीन से जमीन में दबा सोना खोजने का नाटक कर भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि मध्यप्रदेश के मंदसौर क्षेत्र से आए कुछ लोग खुद को तांत्रिक बताकर चित्तौड़गढ़ और आसपास के गांवों में घूम रहे हैं। ये लोग ग्रामीणों को बताते थे कि किले के आसपास पुराने मंदिरों, छतरियों और सुनसान जगहों पर राजा-महाराजाओं के समय का खजाना दबा हुआ है और उनके पास ऐसी विशेष मशीन व तांत्रिक विद्या है, जिससे वे उसे खोज सकते हैं।
ये भी पढ़ें होर्मुज स्ट्रेट में भारत जा रहे थाईलैंड के मालवाहक जहाज पर हमला, 20 क्रू सदस्यों को बचाया गयासूचना के आधार पर थानाधिकारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कोटा रोड स्थित किले के पीछे ओछड़ी पुलिया के पास दबिश दी। वहां सुनसान जगह पर पुरानी बंद गुमटियों के पास चार संदिग्ध व्यक्ति मिले, जिनमें से एक व्यक्ति हाथ में डिटेक्टर मशीन लेकर जमीन पर घुमाते हुए सोना ढूंढने का नाटक कर रहा था।
पुलिस को देखते ही आरोपित गुमटियों और ढाबों की आड़ में छिपने लगे, लेकिन पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया।
ये भी पढ़ें ग्रेटर नोएडा: बादलपुर में ट्रेन की चपेट में आने से महिला समेत दो की मौत; पुलिस शिनाख्त में जुटीपुलिस ने इस मामले में गोपाल सोनी (37) निवासी आगर मालवा, सलीम अहमद (40) निवासी मंदसौर, मुकेश नाथ (43) निवासी आगर (एमपी) और हीरालाल मीणा (51) निवासी निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से कथित डिटेक्टर मशीन भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ग्रामीणों को खजाना मिलने का लालच देकर उनसे मोटी रकम ऐंठने की फिराक में थे। फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने क्षेत्र में कितने लोगों को “किले के खजाने” का झांसा देकर ठगने की कोशिश की।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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