यूपी पुलिस के सिपाही से परेशान थी फैशन डिजाइनर, वीडियो में छलका दर्द, बोली- 'थाने गई तो बोले उसका कुछ नहीं होगा'
लिव-इन पार्टनर की बेवफाई और पुलिस की बेरुखी ने ली जान; कासगंज में अंतिम संस्कार के बाद पिता को आया हार्ट अटैक
आगरा/कासगंज: उत्तर प्रदेश के आगरा में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ थाना ताजगंज में तैनात एक सिपाही के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही 34 वर्षीय फैशन डिजाइनर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले मृतका ने दो भावुक वीडियो बनाए, जिसमें उसने पुलिस की कार्यप्रणाली और सिपाही जेबी गौतम (जेंटर बाबू) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती की मौत के बाद शुक्रवार को कासगंज के कछला घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया, जिसके गम में उसके पिता की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शादी का झांसा और 4 साल का शोषण मृतका की शादी 13 साल पहले हुई थी, लेकिन 6 साल बाद तलाक हो गया। इसके बाद वह आगरा के एक अस्पताल में नौकरी करने लगी, जहाँ उसकी मुलाकात कानपुर देहात निवासी सिपाही जेबी गौतम से हुई। दोनों पिछले 4 साल से ताजगंज के एक फ्लैट में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। युवती जब भी शादी का दबाव बनाती, सिपाही उसे टाल देता था। आरोप है कि सिपाही के घरवाले भी इस रिश्ते के खिलाफ थे और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
ये भी पढ़ें क्या भारत समेत 16 देशों की व्यापार नीति से अमेरिका को हो रहा नुकसान, ट्रंप उठा सकते हैं बड़ा कदम 'थाने गई पर न्याय नहीं मिला' सुसाइड से पहले बनाए गए 1.13 सेकंड और 2 मिनट के वीडियो में युवती ने अपना दर्द बयां किया है। उसने कहा, "मैं ताजगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराने गई थी, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने कहा कि उसका कुछ नहीं होगा, वह बच जाएगा। मुझे सलाह दी गई कि मुकदमा करोगी तो खुद ही भटकोगी, उसे छोड़ दो। जब रक्षक ही भक्षक को बचाने लगें, तो हम कहां जाएं?" युवती ने वीडियो में रोते हुए इंसाफ की गुहार लगाई और सिपाही व उसके परिवार को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया।
पिता की हालत नाजुक, पुलिस के दावों पर सवाल बेटी के जाने के गम में पिता की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। परिजनों का साफ कहना है कि यदि पुलिस समय रहते एफआईआर दर्ज कर लेती, तो उनकी बेटी आज जिंदा होती। दूसरी ओर, डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास का कहना है कि युवती एफआईआर के लिए नहीं, बल्कि समझौते के लिए थाने आई थी। हालांकि, पुलिस ने अब आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन सवाल अब भी वही है कि पीड़ित युवती को समय पर कानूनी मदद क्यों नहीं मिली?
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