उत्तराखंड विधानसभा: 1.11 लाख करोड़ का बजट पास, देर रात तक चली कार्यवाही के बाद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
भराड़ीसैंण (चमोली)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में चल रहा विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार देर रात एक ऐतिहासिक मोड़ पर संपन्न हुआ। सदन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रस्तुत 1,11,703 करोड़ रुपये के विनियोग विधेयक 2026 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। इसके साथ ही अगले वित्तीय वर्ष के लिए विकास कार्यों का खाका तैयार हो गया है। विधेयक पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
विपक्ष के कटौती प्रस्ताव खारिज, देर रात तक गूंजा सदन
बजट सत्र का पांचवां और अंतिम दिन विधायी इतिहास के सबसे लंबे दिनों में से एक रहा। सदन की कार्यवाही सुबह शुरू होकर देर रात 12:30 बजे तक, यानी लगभग 12 घंटे 10 मिनट तक निरंतर चली। बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने तीखा रुख अपनाया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री प्रीतम सिंह और विधायक भुवन कापड़ी ने कई विभागों के बजट में भारी कटौती का प्रस्ताव रखते हुए केवल 'एक रुपये' के प्रावधान की मांग की। विपक्ष ने भ्रष्टाचार, महंगाई और आपदा प्रबंधन में विफलता के आरोप लगाए। हालांकि, सत्ता पक्ष के भारी बहुमत के सामने विपक्ष के सभी कटौती प्रस्ताव गिर गए और सदन ने विभागवार बजट पर अपनी मुहर लगा दी।
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इस बजट में धामी सरकार ने 'युवा और स्वास्थ्य' को प्राथमिकता पर रखा है। शिक्षा, खेल और युवा कल्याण विभाग को 13,552 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट दिया गया है। वहीं, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 4,546 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए वित्त, कर और नियोजन विभाग को सर्वाधिक 20,361 करोड़ रुपये मिले हैं। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को 3,580 करोड़ और जलापूर्ति व आवास के लिए 4,243 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सत्र का लेखा-जोखा: 41 घंटे की कार्यवाही और 11 विधेयक
9 मार्च से शुरू हुए इस पांच दिवसीय सत्र में कुल 41 घंटे 10 मिनट विधायी कार्य हुआ। इस दौरान:
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विधेयक: सदन ने 11 महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया और 4 अध्यादेश पटल पर रखे।
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प्रश्नकाल: विधायकों की ओर से कुल 596 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से 291 के उत्तर सदन में दिए गए।
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व्यवधान: पूरे सत्र के दौरान केवल 1 घंटा 20 मिनट का समय हंगामे के कारण बाधित रहा, जो संसदीय कार्यकुशलता की दृष्टि से बेहतर माना जा रहा है।
विभागवार प्रमुख आवंटन (एक नजर में):
| विभाग | आवंटित बजट (करोड़ में) |
| वित्त, कर, नियोजन व सचिवालय | ₹20,361.02 |
| शिक्षा, खेल, युवा कल्याण व संस्कृति | ₹13,552.11 |
| चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण | ₹4,546.46 |
| जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास | ₹4,243.34 |
| ग्राम्य विकास | ₹3,860.21 |
| लोक निर्माण विभाग (PWD) | ₹3,580.57 |
| पुलिस एवं जेल | ₹3,524.69 |
| राजस्व एवं सामान्य प्रशासन | ₹2,731.15 |
| समाज कल्याण | ₹2,912.49 |
| अनुसूचित जाति कल्याण | ₹2,468.88 |
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