910 करोड़ से जयपुर-किशनगढ़ हाईवे होगा 6-लेन, महाराष्ट्र के कागल में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर: नितिन गडकरी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के प्रमुख राजमार्गों में शामिल नेशनल हाईवे-48 को और आधुनिक व सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी कि राजस्थान के जयपुर-किशनगढ़ मार्ग के 6-लेन उन्नयन और महाराष्ट्र के कागल में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "राजस्थान के जयपुर और अजमेर जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के जयपुर-किशनगढ़ (लंबाई 89.785 किमी) खंड के फ्लाईओवर और सर्विस रोड के निर्माण सहित 6-लेन उन्नयन के लिए 910.90 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है।"
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, "इस कॉरिडोर को आंशिक रूप से एक्सेस कंट्रोल्ड राजमार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे वाहनों की औसत गति बढ़ाने और यात्रा समय को मौजूदा 2 घंटे से लगभग 1 घंटे कम करने में मदद मिलेगी। स्थानीय यातायात का पृथक्करण, दोनों ओर सर्विस रोड और फ्लाईओवर का प्रावधान सुरक्षा बढ़ाने में भी सहायक होगा। दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मृत्यु की संख्या को कम करने के लिए इस खंड पर मौजूदा टकराव बिंदुओं का भी समाधान किया जाएगा।" नितिन गडकरी ने एक अन्य पोस्ट में बताया, "महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कागल शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर दोनों ओर 3-लेन कंक्रीट सर्विस रोड के साथ 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 357.99 करोड़ रुपए की लागत से मंजूरी दी गई है।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-48 भारत के गोल्डन क्वाड्रिलैटरल (जीक्यू) राजमार्ग नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जो दिल्ली, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि कोल्हापुर जिले के कागल में 5-स्टार एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण इस क्षेत्र में व्यापार और उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं। नतीजतन, इस हाईवे पर मालवाहक वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिससे ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या पैदा होती है और प्रदूषण का स्तर भी बढ़ जाता है। इस स्थिति का आपातकालीन सेवाओं की समय पर डिलीवरी पर भी बुरा असर पड़ रहा है। गडकरी ने पोस्ट में लिखा, "स्वीकृत किए गए इस एलिवेटेड कॉरिडोर से लंबी दूरी के एक्सप्रेस ट्रैफिक को स्थानीय वाहनों की आवाजाही से अलग किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय ट्रैफिक का प्रवाह और भी सुगम हो जाएगा।
इस पहल से यात्रियों और मालवाहक वाहनों, दोनों के लिए यात्रा तेज और सुरक्षित हो जाएगी। इसके अलावा, इससे ईंधन की बचत होगी और यात्रा में लगने वाला समय भी कम होगा। साथ ही, यह आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने में भी मददगार साबित होगा।" उन्होंने कहा कि इस एलिवेटेड हाईवे प्रोजेक्ट से क्षेत्रीय उत्पादकता और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही आपातकालीन सेवाओं की कुशल डिलीवरी भी सुनिश्चित हो सकेगी। कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट घरेलू परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और माल ढुलाई की दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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