नोएडा में अवैध निर्माण पर सख्त हुए CEO डॉ. लोकेश एम, लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डा. लोकेश एम ने अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध निर्माण और बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सीईओ ने अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कड़ा रुख अपनाया है। शहर के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष कदम उठाया है।
सीईओ ने कार्य के प्रति लापरवाही और शिथिल पर्यवेक्षण पाए जाने पर वर्क सर्किल-06 के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए है। वर्क सर्किल-6 के प्रबंधक अब्दुल शाहिद द्वारा अपने क्षेत्र में प्रभावी पर्यवेक्षण न करने और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर करण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं प्रतिनियुक्ति की अवधि पूर्ण होने के बाद नोएडा प्राधिकरण में कार्यरत सहायक प्रबन्धक विनीत कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से प्राधिकरण की सेवा से अवमुक्त (हटाने) करने का निर्णय लिया है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ का कहना है कि अधिसूचित भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध निर्माण स्वीकार्य नहीं होगा। यदि किसी भी क्षेत्र में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
बता दें कि नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम द्वारा अधिसूचित क्षेत्र के अंतर्गत हो रहे अवैध निर्माण को गंभीरता से लिया जा रहा है। लगातार ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष 2024-25 में कुल 215912 वर्ग मीटर एवं 2025-26 में कुल 2393158 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस जमीन की बाजार के हिसाब से करीब 2745 करोड़ रुपये की कीमत है। सीईओ ने बताया कि अवैध कब्जा करने पर करीब 25 मामलों में एफआईआर पिछले एक साल दर्ज कराई गई है। अवैध निर्माण में प्राधिकरण के जिन भी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता सामने आ रही है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि दो एसीईओ और एक ओएसडी के साथ बैठक कर तीनों अधिकारियों को डूब क्षेत्र व नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में अनाधिकृत एवं अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
