मुज़फ्फरनगर में MSW जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ा, धर्मेंद्र मलिक ने CAQM से तत्काल कार्रवाई की मांग की
मुज़फ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग CAQM, नई दिल्ली के चेयरमैन राजेश वर्मा को पत्र लिखकर मुज़फ्फरनगर जनपद में औद्योगिक इकाइयों द्वारा नगरपालिका ठोस अपशिष्ट MSW एवं लीगेसी वेस्ट जलाए जाने से फैल रहे गंभीर वायु प्रदूषण पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
धर्मेंद्र मलिक ने पत्र में बताया कि एनसीआर से सटे मुज़फ्फरनगर जनपद में कुछ कागज़ निर्माण एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों द्वारा RDF के नाम पर MSW व लीगेसी वेस्ट को खुले में तथा ईंधन के रूप में जलाया जा रहा है। कई स्थानों पर कचरे का अवैज्ञानिक व खतरनाक भंडारण भी किया गया है, जिससे क्षेत्र में गंभीर पर्यावरणीय व स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने कहा कि इस अवैध गतिविधि की पुष्टि स्वयं उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुज़फ्फरनगर के क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा जारी पत्र दिनांक 20 दिसंबर 2025 से होती है, जिसके बावजूद अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
पत्र में उल्लेख किया गया कि MSW एवं लीगेसी वेस्ट के दहन से उत्पन्न PM2.5, PM10, डाइऑक्सिन जैसी विषैली गैसें पूरे क्षेत्र को “स्लो पॉइज़निंग ज़ोन” में बदल रही हैं। इसके चलते बच्चों, बुजुर्गों एवं महिलाओं में दमा, श्वसन रोग, त्वचा रोग एवं अन्य गंभीर बीमारियों में लगातार वृद्धि हो रही है।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने CAQM से मांग की है कि जनपद में MSW एवं लीगेसी वेस्ट के दहन पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए,
दोषी औद्योगिक इकाइयों को सील कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए,संयुक्त निरीक्षण समिति गठित कर समयबद्ध रिपोर्ट तैयार कराई जाए,
पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति एवं अभियोजनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए,तथा प्रभावित क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता की रियल-टाइम निगरानी कर आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं।
धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि स्वच्छ वायु में सांस लेना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और यदि शीघ्र कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन को आगे वैधानिक व संवैधानिक उपाय अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
