KGMU लव जिहाद: 50 हजार का इनामी डॉक्टर रमीजुद्दीन लखनऊ से गिरफ्तार; सीएम योगी के आदेश के बाद बड़ी कार्रवाई, कुलपति ने किया निष्कासित
लखनऊ (Lucknow): लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सनसनीखेज लव जिहाद और धर्मांतरण के आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 50 हजार रुपये के इनामी इस आरोपी की तलाश उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश सहित चार राज्यों की पुलिस टीमें कर रही थीं, लेकिन आखिरकार उसे लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके से धर दबोचा गया।

विशाखा कमेटी की रिपोर्ट में दोषी, यूनिवर्सिटी से होगा निष्कासित: कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि विशाखा कमेटी की जांच रिपोर्ट में रमीज मलिक को दोषी पाया गया है। उन्होंने बताया कि रमीज को 22 दिसंबर को ही सस्पेंड कर कैंपस में एंट्री बैन कर दी गई थी। अब विशाखा कमेटी की संस्तुति के आधार पर डीजीएमई (DGME) को उसे स्थायी रूप से निष्कासित करने के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
धर्मांतरण, गर्भपात और फर्जी दस्तावेजों का काला खेल: पुलिस जांच में सामने आया है कि डॉ. रमीज ने आगरा की एक महिला डॉक्टर से निकाह करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। पीड़िता का आरोप है कि रमीज ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए, जबरन गर्भपात कराया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला। जांच में यह भी पता चला है कि पीलीभीत के न्यूरिया स्थित घर पर निकाह और धर्मांतरण की प्रक्रिया अपनाई गई थी।
कुर्की की कार्रवाई और माता-पिता की गिरफ्तारी: पुलिस ने 5 जनवरी को रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। 7 जनवरी को पुलिस ने आरोपी के लखनऊ, पीलीभीत और उत्तराखंड (खटीमा) स्थित ठिकानों पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया था। पुलिस अब उन प्रोफेसरों की भी भूमिका की जांच कर रही है, जिन पर लैब के भीतर नमाज और तकरीरें पढ़ने का आरोप लगा था।
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