मुज़फ्फरनगर में सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार की 'नहर': 5 दिन में उखड़ी सड़क, एक्सईएन और जेई पर कार्रवाई की तलवार
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' दावों को सिंचाई विभाग के अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। मुजफ्फरनगर के पीन्ना निवासी आरटीआई कार्यकर्ता और किसान सुमित ने सिंचाई विभाग खंड गंगनहर में फैले भ्रष्टाचार की परतें खोलते हुए प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल को शिकायती पत्र भेजा है। आरोप है कि विभाग द्वारा बनाई गई सड़कें महज पांच दिन के भीतर ही उखड़ गईं, जिससे सरकारी धन की जमकर बंदरबांट उजागर हुई है।
12 साल से एक ही जिले में जमे जेई: पत्र में विशेष रूप से जेई उधम सिंह की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि वे पिछले 12 सालों से नियमों के विरुद्ध एक ही जिले में तैनात हैं। इसके अलावा, वर्ष 2025-26 में निकाले गए 35 टेंडरों की प्रक्रिया में भारी कमीशनखोरी का भी आरोप लगाया गया है।
किसानों की बढ़ी मुश्किलें: खराब सड़क के कारण किसानों को खेतों से शुगर मिल तक गन्ना ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आरटीआई कार्यकर्ता ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, संबंधित निर्माण कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और सड़क का निर्माण दोबारा कराया जाए।
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