वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी में सराफा कारोबारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर एक अहम निर्णय लिया है। स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष कमल कुमार सिंह ने शनिवार को बताया कि हेलमेट, मास्क, बुर्का, हिजाब, घूंघट या किसी भी प्रकार से मुंह ढककर आने वाले ग्राहकों की पहचान करना अत्यंत कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि अपराध की कई घटनाएं अक्सर मुंह ढके या छिपे हुए लोगों द्वारा ही अंजाम दी जाती हैं। इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि वाराणसी की किसी भी फुटकर सराफा दुकान या शोरूम में ऐसे ग्राहकों को गहने नहीं बेचे जाएंगे, जिनका मुंह हेलमेट, मास्क, बुर्का, हिजाब या घूंघट से ढका हुआ हो।
वाराणसी में दो हजार से अधिक सराफा कारोबारी इस निर्णय से सहमत हैं। महामंत्री किशोर सेठ ने बताया कि यह कदम किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सर्व समाज की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि कई बार मुंह ढककर आई महिलाओं द्वारा चोरी की घटनाएं अंजाम दी गई हैं। मुंह ढका होने के कारण सीसीटीवी फुटेज में भी अपराधी की पहचान नहीं हो पाती। इसलिए बनारस के व्यापारी अब मुंह खोलकर आने वाले ग्राहकों को ही गहने बेचेंगे। दुकानदार अपने शोरूम और दुकानों पर इस संबंध में पोस्टर भी चस्पा कर रहे हैं, ताकि सभी ग्राहक इस नियम से अवगत हो सकें।