मुजफ्फरनगर में आधी रात को चला पालिकाध्यक्ष का 'हंटर'; जेसीबी से तुड़वाया 30 मीटर नाला, बिना सरिए के हो रहा था निर्माण, भुगतान रोका
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar): भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए मुजफ्फरनगर की नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने गुरुवार देर रात सुजड़ू रोड पर वह कर दिखाया, जिसकी कल्पना ठेकेदार और विभागीय इंजीनियरों ने नहीं की थी। वार्ड संख्या तीन में बन रहे आरसीसी नाले की गुणवत्ता पर मिल रही शिकायतों को देखते हुए अध्यक्ष ने रात के सन्नाटे में औचक निरीक्षण किया और मौके पर ही दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया।
मिट्टी पर ही डाल दी आरसीसी: जांच में यह भी सामने आया कि नियमानुसार नाले के आधार (Base) के लिए लाल रोड़ी का इस्तेमाल होना था, लेकिन ठेकेदार ने सीधे मिट्टी के ऊपर ही कंक्रीट डाल दी थी। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी बेहद खराब मिली।
कड़ी कार्रवाई की जद में आए अधिकारी और ठेकेदार:
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पेमेंट पर रोक: अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने तत्काल प्रभाव से ठेकेदार संजय कुमार का भुगतान रोक दिया है।
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नोटिस जारी: लापरवाही बरतने वाले निर्माण विभाग के एई (AE) और जेई (JE) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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PWD से जांच: पालिकाध्यक्ष ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर सहायक अभियंता कामेश्वर सिंह से इस ठेकेदार द्वारा कराए गए अन्य सभी कार्यों की विस्तृत तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं।
जनता के बीच 'लाइव' टेस्ट: पालिकाध्यक्ष ने मौके पर ही जनता के सामने तकनीकी परीक्षण कराकर यह संदेश दिया कि जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी और घटिया निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस साहसिक कदम की पूरे शहर में चर्चा हो रही है।
