नोएडा। गौतमबुद्धनगर दीवानी न्यायालय परिसर में मंगलवार को जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान बताया गया कि माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा भारत के नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में निर्णय उपलब्ध कराने तथा विधिक जागरूकता फैलाने के लिए विशेष पहल की गई हैं। सुवास प्रकोष्ठ (सुप्रीम कोर्ट विधिक अनुवाद साफ्टवेयर) के माध्यम से माननीय उच्चतम न्यायालय व माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्णयों को हिन्दी भाषा में अनुवादित कराया गया है। जिसका उद्देश्य भारत के समस्त नागरिकों को अब न्यायालय के निर्णय को उनकी अपनी भाषा में उपलब्ध कराया जायेगा।
बैठक के दौरान अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंद्र मोहन श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि उपरोक्त निर्देशों के क्रम में एवं जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में एवं अपर जिला जज सौरभ द्विवेदी, नोडल अधिकारी/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम मयंक त्रिपाठी की अध्यक्षता में जागरूकता शिविर का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर के सभाकक्ष में किया गया। जिसमें माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा उपरोक्त के संबंध में दिये गये निर्देशों की जानकारी शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर के पैनल अधिवक्तागण, पराविधिक स्वयं सेवक, मध्यस्थगण, एलएडीसीएस में नामित अधिवक्ताओं को दी गई।
शिविर में उक्त विषय के संबंध में जानकारी देते हुए अधिक से अधिक जनसामान्य के मध्य विधिक जागरूकता फैलाने की अपील की गई। शिविर के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा जारी निम्नवत वेवसाईट भी उपलब्ध करायी गई। जिसके माध्यम से निर्णयों को हिन्दी भाषा में अवलोकित कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि शिविर के माध्यम से यह भी अवगत कराया गया कि उपरोक्त के संबंध में जनपद बार एसोसिएशन, पीएलवी जिला प्रशासन के साथ, स्थानीय प्राधिकरणों के साथ एवं विधिविद्यालयों व विश्वविद्यालयों आदि संस्थाओं के सहयोग से जनसामान्य के मध्य अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कराया जायेगा।