राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'भारत में लोकतंत्र खतरे में, विनम्रता ही सम्मान का रास्ता'; केंद्र सरकार पर साधा निशाना
उदगमंडलम (ऊटी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि विनम्रता ही लोगों को समझने तथा उनका सम्मान करने का सबसे बड़ा माध्यम है। तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में एक निजी स्कूल के छात्रों को बारिश के बावजूद संबोधित करते हुए श्री गांधी ने कहा कि आज के सूचना युग में आईटी, एआई, रोबोटिक्स, डेटा और बीटा सहित हर तरह की जानकारी आसानी से उपलब्ध है।
उन्होंने स्कूल परिसर को सुंदर वातावरण में स्थित एक बेहतरीन शैक्षणिक संस्थान बताते हुए छात्रों से संवाद किया और उनसे पूछा कि उनके अनुसार एक अच्छा शिक्षक कौन होता है।
एक छात्र ने उत्तर दिया कि डॉ. आलिया उनकी अच्छी शिक्षिका हैं। जब गांधी ने कारण पूछा तो छात्रा ने कहा कि वह प्यार और स्नेह के साथ पढ़ाती हैं और समझदारी से विषयों को समझाती हैं। गांधी ने ज्ञान और जानकारी के महत्व पर बात करते हुए कहा, "यदि आप कुछ सीखना चाहते हैं तो आपको प्यार और सम्मान का वातावरण वातावरण
उन्होंने कहा कि वह भी ऐसा भारत बनाना चाहते हैं, जहां लोग एक-दूसरे के प्रति दयालु हों, एक-दूसरे का सम्मान करें, तथा भाषाओं, धर्मों और परंपराओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि भारत में अनेक धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। गांधी ने अपने 20 वर्षों के राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए छात्रों से पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। कुछ छात्रों ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई, कुछ ने भारतीय वायुसेना में पायलट बनने की, लेकिन किसी ने भी राजनेता बनने की इच्छा नहीं जताई।
उन्होंने अपने एक मित्र और स्कूल के शिक्षक के पहले दिए गए भाषण को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भी यही टिप्पणी की थी कि कोई भी राजनीति में नहीं आना चाहता। गांधी ने कहा कि एक राजनेता, छात्र और शिक्षक के लिए सबसे महत्वपूर्ण मूल्य विनम्रता है। उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में यह भी कहा कि वे अपने स्कूल के दिनों में बहुत आज्ञाकारी छात्र नहीं थे।
उन्होंने कहा, "विनम्रता ही समझने का उत्तर है, विनम्रता ही लोगों का सम्मान करने का उत्तर है।"उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, उसमें विनम्र बने रहें, अपने सिद्धांतों पर डटे रहें, कड़ी मेहनत और प्रयास के साथ उत्कृष्टता हासिल करें और किसी के दबाव में न आएं। इसके बाद गांधी ने छात्रों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया और आत्मविश्वास के साथ उनके सवालों के जवाब दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए गांधी ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि "देश में सत्ता में बैठे लोग लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं।" उन्होंने कहा "वे निर्वाचन आयोग, स्वायत्त संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और युवाओं पर हमला कर रहे हैं। वे हमसे नहीं डरते, इसलिए लोग इसके खिलाफ अपनी आवाज़ उठा रहे हैं।जो लोग हमें बदनाम कर रहे हैं, वे वास्तव में खुद को ही बदनाम कर रहे हैं।" इससे पहले गांधी ने पोंगल समारोह में भी भाग लिया और छात्रों, शिक्षकों तथा स्कूल प्रबंधन को मिठाई वितरित की।
