DRI की बड़ी कार्रवाई: मुर्गी दाने की आड़ में छिपाकर ले जाई जा रही 81 करोड़ की ड्रग्स जब्त, 6 गिरफ्तार
नयी दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुये एक बहु-राज्यीय मादक पदार्थ सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। डीआरआई की तरफ से मंगलवार को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार 11–12 जनवरी को चलाए गये विशेष अभियान में 270 किलोग्राम मेफेड्रोन (मादक पदार्थ) जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 81 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह मादक पदार्थ मुर्गी दाना (चिकन फीड) की खेप में छिपाकर देश के विभिन्न भागों ले जाने की तैयारी थी।
डीआरआई ने मादक पदार्थ की तस्करी की खुफिया जानकारी मिलने पर राजस्थान में एक ट्रक को रोका, जो देखने में कृषि आधारित सामान ले जा रहा था। जब अधिकारियों ने ट्रक की जांच की, तो मुर्गी दाना के नीचे छिपाकर रखी गई मेफेड्रोन की बड़ी खेप बरामद हुई। मौके पर ही ट्रक चालक, खेप के साथ चल रहे और तस्करी में शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद डीआरआई की टीमों ने हरियाणा के कई स्थानों पर छापेमारी की। यहां से मादक पदार्थ के सिंडिकेट के अन्य अहम सदस्यों को पकड़ा गया, जो मादक पदार्थ के निर्माण और सप्लाई से जुड़ा था। जांच के दौरान एक गुप्त और अवैध मादक पदार्थ निर्माण इकाई का भी पता चला, जिसे आंशिक रूप से ध्वस्त किया गया। जहां मौके से कुछ कच्चा माल भी बरामद किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार यह पूरा ऑपरेशन कई राज्यों के बीच तालमेल, लगातार निगरानी और सटीक योजना के साथ चलाया गया। इस कार्रवाई में छह मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ एक संगठित और बहु-राज्यीय मादक पदार्थ नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था।
डीआरआई ने बताया कि वित्त वर्ष 2025–26 में अब तक उसने छह अवैध ड्रग फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। इनमें अप्रैल 2025 में लातूर, अगस्त 2025 में भोपाल और दिसंबर 2025 में वर्धा में मेफेड्रोन, नवंबर 2025 में वापी और अक्टूबर 2025 में हैदराबाद में एलप्राजोलम, अक्टूबर 2025 में ग्रेटर नोएडा में मेथएम्फेटामाइन की फैक्ट्रियां शामिल हैं। डीआरआई ने दोहराया कि वह 'नशा मुक्त भारत अभियान' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।
