पप्पू यादव के समर्थन में उतरे राजद नेता शिवानंद तिवारी, गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
पटना। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी भी निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के समर्थन में उतर आए हैं और उनकी गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं।
ये भी पढ़ें भारत दुनिया में तेल की कीमतें स्थिर रखने में अमेरिका का बहुत बड़ा साथी: राजदूत सर्जियो गोर उन्होंने लोकसभा सांसद पप्पू यादव को बिहार की राजनीति में एक अनोखे और विशिष्ट व्यक्तित्व वाला बताते हुए कहा कि वे ऐसे एकमात्र राजनेता हैं जिन्होंने तीन बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। अब तक वे छह बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं।
राजद नेता शिवानंद तिवारी ने रविवार को फेसबुक पर लिखा, "बिहार की राजनीति में शायद ही कोई ऐसा नेता हो, जो इतनी ऊर्जा और फुर्ती के साथ हर जगह मौजूद रहता हो। सुबह वे कहीं और दिखाई देते हैं, शाम को किसी दूसरे इलाके में-लगातार जनता के बीच। आज वही पप्पू यादव गिरफ्तार हैं। बताया जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी किसी अत्यंत पुराने मामले में हुई है।"
उन्होंने आगे लिखा कि, "हमारे देश की न्याय व्यवस्था की यह एक विडंबना है कि मुकदमे 25–30 वर्षों तक चलते रहते हैं और अचानक किसी एक दिन गिरफ्तारी हो जाती है। कागज़ों में लिखा होता है कि अभियुक्त को समन जारी किया गया, लेकिन वह अभियुक्त तक कभी पहुंचता ही नहीं। अचानक पुलिस गिरफ्तारी का वारंट लेकर पहुंच जाती है। इसका व्यक्तिगत अनुभव हम लोगों को भी रहा है।"
उन्होंने आगे लिखा कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने एक बार फिर न्यायपालिका और पुलिस के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस घटना ने हमारी कानून व्यवस्था की कार्यप्रणाली को अवश्य उजागर कर दिया है। उन्होंने अंत में आशा व्यक्त करते हुए कहा कि पप्पू यादव शीघ्र ही जेल से बाहर आकर पहले की तरह जनता के बीच सक्रिय होंगे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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