मुरादाबाद में भाजपा मेयर विनोद अग्रवाल की जमीन पर चला 'योगी का बुलडोजर', हाईवे किनारे बनी बाउंड्री ध्वस्त
सियासी हलचल: सरकारी स्कूल की जमीन पर था कब्जा; मेयर बोले- '10 साल पहले खरीदी थी जमीन, करूंगा शिकायत'
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में 'जीरो टॉलरेंस' का डंडा अब रसूखदारों पर भी चलने लगा है। मुरादाबाद में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा के मेयर विनोद अग्रवाल और भाजपा नेता अमित चौधरी द्वारा घेरी गई करीब 6 एकड़ सरकारी जमीन को बुलडोजर चलाकर मुक्त करा दिया। यह जमीन मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले 'मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय' के लिए आरक्षित थी, जिस पर भाजपा नेताओं ने बाउंड्री वॉल खड़ी कर ली थी।
ऐसे खुला 'कब्जे' का खेल
मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल के निर्माण का जिम्मा यूपीपीसीएल (UPPCL) को मिला है। जब कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नेशनल हाईवे बाईपास के किनारे धीमरी गांव में आवंटित जमीन ढूंढने पहुँचे, तो दंग रह गए। जिस सरकारी जमीन पर स्कूल बनना था, वहाँ आलीशान बाउंड्री वॉल बनी हुई थी। जाँच में पता चला कि इस जमीन पर मेयर विनोद अग्रवाल, उनके पार्टनर संजय रस्तोगी और खुद को कद्दावर नेता का करीबी बताने वाले अमित चौधरी का 'कब्जा' है।
बुलडोजर एक्शन और तीखी नोकझोंक
तहसील की राजस्व टीम और यूपीपीसीएल के अधिकारी जब बुलडोजर लेकर मौके पर पहुँचे, तो मेयर के बेटे अंकुर अग्रवाल ने टीम से तीखी नोकझोंक (हॉटटॉक) की। उन्होंने अधिकारियों से लिखित आदेश माँगे और वीडियोग्राफी शुरू कर दी। हालांकि, प्रशासन ने बिना झुके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की और भाजपा नेता अमित चौधरी की बाउंड्री को भी ढहा दिया।
सरकारी खजाने की बंदरबाँट?
इस मामले ने एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है। जिस बंजर जमीन पर कोई आबादी नहीं रहती, वहाँ भाजपा नेताओं के प्लॉट की कीमत बढ़ाने के लिए जिला पंचायत से 12 मीटर चौड़ी पक्की सड़क बनवा दी गई। शहर की जनता जहां नालियों और सड़कों के लिए तरस रही है, वहीं 'जंगल' में नेताओं की जमीन चमकाने के लिए सरकारी पैसा पानी की तरह बहाया गया।
मेयर के गंभीर आरोप: "लेखपाल और SDM ने किया खेल"
मेयर विनोद अग्रवाल ने इस कार्रवाई को साजिश करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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लेखपाल राकेश चौहान और एसडीएम सदर ने मिलकर यह 'खेल' रचा है।
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यह जमीन उन्होंने 10 साल पहले चांद बाबू से खरीदी थी और उनके पास रजिस्ट्री व दाखिल-खारिज मौजूद है।
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बिना किसी पूर्व नोटिस के यह कार्रवाई की गई है।
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मेयर का यह भी दावा है कि एक बड़े अधिकारी यहाँ 'म्यूजिकल डिजिटल पार्क' नहीं बनने देना चाहते, इसलिए यह बाधा डाली जा रही है।
आगे क्या?
प्रशासन फिलहाल इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन शुक्रवार को जमीन की दोबारा पैमाइश की जाएगी। मेयर ने इस मामले की शिकायत कमिश्नर से की है, जिससे शहर के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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