Nayanthara भी हो चुकी हैं कास्टिंग काउच की शिकार, चौंकाने वाला खुलासा आया सामने
नयनतारा उन कुछ अभिनेत्रियों में से एक हैं, जिन्होंने एक ही समय में तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्म उद्योग पर राज किया है। वह दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योगों में सबसे अधिक पेमेंट पाने वाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। भारतीय फिल्म और टेलीविजन उद्योग में कई अभिनेत्रियों ने कास्टिंग काउच के साथ अपने अनुभव साझा […]
नयनतारा उन कुछ अभिनेत्रियों में से एक हैं, जिन्होंने एक ही समय में तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्म उद्योग पर राज किया है। वह दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योगों में सबसे अधिक पेमेंट पाने वाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। भारतीय फिल्म और टेलीविजन उद्योग में कई अभिनेत्रियों ने कास्टिंग काउच के साथ अपने अनुभव साझा किए हैं, और यहां तक कि नयनतारा ने भी अपने शुरुआती दिनों में इसका पहली बार अनुभव किया था। हाल ही में उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान इस बारे में खुलासा किया।
ये भी पढ़ें मुंबई में लौटी अखाड़े की शान: कुश्ती के महादंगल ने रचा इतिहास; कांदिवली में जुटा पहलवानों का हुजूम38 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा कि सिनेमा में उनकी यात्रा आसान नहीं रही है और सभी उतार-चढ़ाव ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। उन्होंने कहा कि ऐसा बहुत कुछ है जो मैंने सीखा है, इतना कुछ जिससे मैं गुजरी हूं, लेकिन यह सब अच्छा रहा है। मैंने जो भी गलतियां की हैं, अच्छे और बुरे दौर से गुजरी हूं। अब सब कुछ अच्छा है। यह सब सीखने का अनुभव है। इंडस्ट्री में 18-19 साल रहना आसान नहीं है, लेकिन दर्शक और भगवान मुझ पर मेहरबान हैं। मैं धन्य महसूस कर रहा हूं। मुझे नहीं पता कि कैसे शब्दों में पूरी बात एक साथ रखा जाए।
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
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