महाराष्ट्र में एलपीजी कालाबाज़ारी पर बड़ी कार्रवाई , 1200 से ज्यादा सिलेंडर जब्त, 18 गिरफ्तार

नागपुर । महाराष्ट्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी की कालाबाज़ारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है तथा प्रदेश भर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत अब तक 1,200 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 2,129 स्थानों पर निरीक्षण किए गए, जिनमें कुल 1,208 अवैध रूप से बेचे जा रहे एलपीजी सिलेंडर बरामद हुए। इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों से 33 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी वसूला गया है। इसके साथ ही 23 लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। यह कानून जमाखोरी और कालाबाज़ारी पर रोक लगाने के लिए लागू किया जाता है।
सरकार ने आम लोगों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए एक व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर (9769919229) जारी किया है, जिस पर एलपीजी आपूर्ति, जमाखोरी या कालाबाज़ारी से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं।
इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी हालात के बावजूद देश में एलपीजी की उपलब्धता स्थिर है और किसी बड़ी कमी की आशंका नहीं है।
अधिकारियों के मुताबिक वैश्विक स्थितियों को देखते हुए आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखी जी रही है। घरेलू गैस उत्पादन में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऑनलाइन सिलेंडर बुकिंग 84 प्रतिशत से बढ़कर करीब 90 प्रतिशत हो गई है। इन कदमों से गैस वितरण व्यवस्था में सुधार हुआ है और उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कालाबाज़ारी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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