सुर्ख़ियों में आये मोहम्मद दीपक का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, अदालत ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा
दुकान के 'बाबा' नाम रखने को लेकर समुदाय विशेष के दुकानदार से एतराज जताया था

नैनीताल। उत्तराखंड के कोटद्वार में कुछ समय पहले चर्चा में आये मोहम्मद दीपक के खिलाफ दर्ज मामले को निरस्त करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में उच्च न्यायालय ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मोहम्मद दीपक उर्फ दीपक कुमार उर्फ अक्की की याचिका पर न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से उसके खिलाफ दायर याचिका को निरस्त करने की मांग की गयी है। साथ ही आरोपी युवकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गयी है।
याचिकाकर्ता मो. दीपक की ओर से कहा गया कि उसके खिलाफ जो प्राथमिकी दर्ज की गई है वह गलत है। यह भी कहा गया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है और न ही उसकी ओर से दी गई शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने जो प्राथमिकी दर्ज की है वह नामजद नहीं हैं। दूसरी ओर सरकार की ओर से कहा गया कि पुलिस ने कुछ आरोपियों को चिह्नित कर लिया है और कार्रवाई जारी है। फिलहाल अदालत ने सरकार से पूरे प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
ये भी पढ़ें नेपाल में भीषण सड़क हादसा: मनकामना मंदिर से लौट रहे सात भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत, नौ घायल
उल्लेखनीय है कि मो. दीपक इसी साल जनवरी में तब प्रकाश में आया था जब कुछ युवकों ने कथित रूप से दुकान के 'बाबा' नाम रखने को लेकर समुदाय विशेष के दुकानदार से एतराज जताया था और दुकान का नाम बदलने की मांग की थी।
ऐसा बताया जा रहा है कि पड़ोस में जिम ट्रेनर का काम करने वाले मो. दीपक ने युवकों की इस हरकत का विरोध किया था। तब उसने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया था। इसके बाद याचिकाकर्ता सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गया था। हालांकि कुछ लोगों ने उसे जमकर ट्रोल भी किया था।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां