बिजनौर में ड्यूटी पर निकले दरोगा की हार्ट अटैक से मौत, शामली के थे निवासी

बिजनौर। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के नगीना देहात थाने में तैनात दरोगा की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मंगलवार काे दरोगा सुनील कुमार के पार्थिव देह पर पुलिस लाइन बिजनौर में पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा सहित सभी पुलिस अधिकारियों ने पुष्प अर्पित श्रद्धांजलि दी और शोक व्यक्त किया |
दरोगा सुनील सोमवार देर रात करीब 9 बजे एक होमगार्ड के साथ क्षेत्र में किसी घटना के संबंध में निकल रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथ मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत नजीबाबाद के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
डॉक्टरों के अनुसार उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई। घटना की सूचना मिलते ही नगीना क्षेत्राधिकारी अंजनेय कुमार, अपराध निरीक्षक नजीबाबाद योगेंद्र कुमार और नगीना देहात थानाध्यक्ष सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। घटना की सूचना उनके परिजनों को दे दी गई है।
दरोगा सुनील कुमार पुत्र इंद्रपाल सिंह मूल रूप से शामली जिले के दयानंदनगर क्षेत्र के निवासी थे। वह पिछले करीब 20 सालों से मेरठ के एकता नगर में रह रहे थे, जहां परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं।सुनील कुमार वर्ष 1991 में पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे। करीब 14 वर्ष पहले उन्हें उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया था। इससे पहले वह बरेली जिले में तैनात थे और इसी साल जनवरी में उनका तबादला नगीना देहात थाने में हुआ था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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