लोकसभा से 'जन विश्वास संशोधन विधेयक' वापस: सरकार अब लाएगी और भी सख्त व प्रभावी कानून

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा से जन विश्वास विधेयक को वापस ले लिया। लोकसभा की चयन समिति की सिफारिशों को शामिल करने के बाद इस विधेयक को फिर से पेश किया जाएगा। इस बिल का उद्देश्य विश्वास-आधारित शासन को और बढ़ावा देने के लिए कुछ कानूनों में संशोधन करके अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और उन्हें तर्कसंगत बनाना है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज सदन की अनुमति लेने के बाद प्रवर समिति द्वारा रिपोर्ट किए गए 'जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025' को वापस ले लिया। इससे पहले गोयल ने लोकसभा में 'जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2025' को वापस लेने का प्रस्ताव रखा। यह विधेयक छोटे व्यावसायिक अपराधों को अपराधमुक्त करने और व्यापार करने में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) बढ़ाने के लिए 2025 में पेश किया गया था, जिसे अब वापस लिया जा रहा है। इस बिल का उद्देश्य 'जीवन जीने में आसानी' (इज ऑफ लिविंग) और 'व्यापार करने में आसानी' (इज ऑफ डूइंग बिजनेस) के लिए विश्वास-आधारित शासन को और अधिक सुदृढ़ करना है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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