लखनऊ में 299 करोड़ का 'ग्रीन कॉरिडोर' लोकार्पण के 72 घंटे में ही धंसा; खाटू श्याम मंदिर के पास 5 फीट गहरा गड्ढा, विपक्ष ने घेरा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा बड़े जोर-शोर से लोकार्पित किए गए ग्रीन कॉरिडोर का एक हिस्सा महज तीन दिन के भीतर ही धंस गया। श्री खाटू श्याम मंदिर के पास सड़क के बीचों-बीच हुए इस बड़े गड्ढे ने न केवल राहगीरों के लिए खतरा पैदा कर दिया है, बल्कि सरकार के 'गड्ढा मुक्त प्रदेश' के दावों की भी पोल खोल दी है।
लोकार्पण का उल्लास और 72 घंटे की हकीकत
बता दें कि बीते शुक्रवार (13 मार्च 2026) को ही ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण का लोकार्पण किया गया था। इस चरण पर लगभग 299 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
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घटना का विवरण: सोमवार सुबह श्री खाटू श्याम मंदिर के पास अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा बैठ गया, जिससे करीब 5 फीट गहरा गड्ढा हो गया।
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अधिकारियों का तर्क: प्रशासन का कहना है कि सड़क के नीचे से जा रही पुरानी सीवेज लाइन फटने के कारण मिट्टी का धंसाव हुआ है। हालांकि, स्थानीय जनता इसे निर्माण कार्य की खराब गुणवत्ता और मॉनिटरिंग में कमी मान रही है।
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जनता में रोष: स्थानीय लोगों का कहना है कि उद्घाटन के तीसरे दिन ही सड़क का इस तरह धंसना निर्माण के दौरान की गई खराब निगरानी और निम्न स्तर की सामग्री के इस्तेमाल की ओर इशारा करता है।
🔥 "भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा विकास": अजय राय
इस घटना को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने योगी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा:
“वाह रे डबल इंजन का विकास! अभी 2 दिन पहले ही जिस 'ग्रीन कॉरिडोर' का उद्घाटन हुआ था, वो पहली बारिश भी नहीं झेल पाया। जनता की गाढ़ी कमाई 'सीवर' में जा रही है या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है? मुख्यमंत्री जी, क्या यही आपका गड्ढा-मुक्त प्रदेश है?”
📍 क्या है ग्रीन कॉरिडोर परियोजना?
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महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट: शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए यह कॉरिडोर बनाया जा रहा है।
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पहला चरण: आईआईएम रोड से पक्का पुल (लागत ₹100 करोड़)।
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दूसरा चरण (विवादित): डालीगंज से समता मूलक चौराहे तक (लागत ₹299 करोड़)। प्रशासन ने फिलहाल मार्ग पर सुरक्षा घेरा बनाकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन लोकार्पण के तुरंत बाद ऐसी घटना से विभाग की काफी किरकिरी हो रही है।
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