योगी सरकार की बड़ी राहत: यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर कनेक्शन अब 50% सस्ते

लखनऊ। प्रीपेड स्मार्ट मीटर वाले कई उपभोक्ताओं की बिजली नेगेटिव बैलेंस के कारण कटने के बाद उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने उपभोक्ताओं को एक बार की राहत देने की घोषणा की है। अधिकारियों के अनुसार यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि बड़ी संख्या में उपभोक्ता अभी भी प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को समझने की प्रक्रिया में हैं, जिसमें बिजली उपयोग करने के लिए पहले से रिचार्ज कराना अनिवार्य होता है। नई व्यवस्था के तहत यदि किसी उपभोक्ता का प्रीपेड बैलेंस शून्य या नेगेटिव होने के कारण बिजली कनेक्शन कट जाता है और वह इतना रिचार्ज कर देता है कि उसका नेगेटिव बैलेंस कम से कम 50 प्रतिशत तक कम हो जाए, तो उसकी बिजली आपूर्ति तीन दिन के लिए दोबारा चालू कर दी जाएगी। यदि इस अवधि में उपभोक्ता का बैलेंस पॉजिटिव नहीं होता है, तो कनेक्शन स्वतः फिर से कट जाएगा।
यूपीपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा प्रत्येक उपभोक्ता को केवल एक बार ही प्रदान की जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए वे अपने प्रीपेड खाते में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें। ‘रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम’ (आरडीएसएस) के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें करीब 70.5 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर हैं।
कॉर्पोरेशन के अनुसार स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली से बिजली सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है। यह मीटर सटीक बिलिंग करते हैं, खपत का पूरा डेटा उपलब्ध कराते हैं और मीटर रीडिंग के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता को कम करते हैं। स्मार्ट मीटर उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को लागू टैरिफ पर दो प्रतिशत की छूट भी दी जाती है।
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अधिकारियों ने बताया कि पोस्टपेड से प्रीपेड प्रणाली में परिवर्तन के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा पहले जमा की गई सिक्योरिटी राशि का लाभ भी मिलता है। यदि कोई बकाया बिल होता है तो यह राशि स्वतः समायोजित कर दी जाती है, और बकाया न होने की स्थिति में रकम सीधे उपभोक्ता के प्रीपेड बैलेंस में जोड़ दी जाती है।
प्रीपेड प्रणाली में बिजली की खपत पहले से किए गए रिचार्ज के आधार पर होती है। उपभोक्ताओं को इस नई व्यवस्था के अनुरूप ढलने में सहायता देने के लिए पोस्टपेड से प्रीपेड बिलिंग में बदलाव के बाद 30 दिनों का ‘ग्रेस पीरियड’ भी दिया जाता है, ताकि वे अपनी खपत पर निगरानी रखते हुए आवश्यकता के अनुसार खाते को रिचार्ज करना सीख सकें।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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