मेरठ: लिसाड़ी गेट में दबंगों के हौसले बुलंद, चौकी के बाहर समाजसेवी पर जानलेवा हमला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद स्थित लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक समाजसेवी, जो मारपीट की शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुँचा था, उस पर दबंगों ने चौकी के बाहर निकलते ही धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विरोध करने पर की गई थी मारपीट
ये भी पढ़ें सहारनपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रमण से पहले सुरक्षा और तैयारियों का निरीक्षणजानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत गली में अवैध रूप से बाइक खड़ी करने को लेकर हुई थी। पीड़ित समाजसेवी ने जब दबंगों द्वारा गली में बाइक लगाकर रास्ता रोकने और दबंगई दिखाने का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इसी शिकायत को दर्ज कराने के लिए पीड़ित लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की 20 फुटा पुलिस चौकी पहुँचा था।
चौकी के भीतर मिली थी धमकी
पीड़ित का आरोप है कि जब वह चौकी के अंदर अपनी शिकायत दे रहा था, तभी आरोपी पक्ष के लोग भी वहाँ पहुँच गए। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद दबंगों ने पीड़ित को चौकी के भीतर ही अंजाम भुगतने की खुली धमकी दी। हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस प्रशासन के सामने दी गई इस धमकी को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसका नतीजा कुछ ही देर बाद खूनी संघर्ष के रूप में सामने आया।
धारदार हथियारों से किया हमला
पीड़ित युवक जैसे ही अपनी शिकायत देकर और पुलिस से सुरक्षा का आश्वासन पाकर चौकी के गेट से बाहर निकला, पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उस पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। हमले में समाजसेवी गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। घायल को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने चौकी के अंदर मिली धमकी पर संज्ञान लिया होता और आरोपियों को हिरासत में लिया होता, तो यह हमला टाला जा सकता था। लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने अब इस मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की शिनाख्त कर उनकी गिरफ्तारी की जा सके।
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