मेरठ: एडीएम सिटी के ड्राइवर की संदिग्ध मौत पर बवाल, परिजनों ने होमगार्डों पर लगाया हत्या का आरोप
मेरठ। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित कमिश्नरी पार्क में एडीएम सिटी के ड्राइवर का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। हस्तिनापुर के इंदिरा कॉलोनी निवासी अंकुर नागर का शव पुलिस ने पार्क से बरामद किया है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने दो होमगार्डों पर हत्या का संगीन आरोप लगाते हुए सिविल लाइन थाने में जोरदार हंगामा किया और पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया।
शादी समारोह में गया था ड्राइवर
मृतक अंकुर नागर मेरठ में एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह के चालक के रूप में तैनात था। बताया जा रहा है कि 12 मार्च को वह सरकारी गाड़ी लेकर एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। इसी दौरान वह संदिग्ध रूप से लापता हो गया और बाद में उसका शव कमिश्नरी पार्क के पास पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था, लेकिन परिजनों को इसकी जानकारी अगले दिन 13 मार्च को मिली।
फोन पर दी थी मारपीट की सूचना
परिजनों ने पुलिस को दी गई तहरीर में चौंकाने वाले दावे किए हैं। उनके अनुसार, घटना वाले दिन अंकुर ने फोन कर घर वालों को बताया था कि उसके साथ मौजूद दो होमगार्ड, केपी सिंह और शिव, उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इस कॉल के कुछ देर बाद ही अंकुर का मोबाइल फोन बंद हो गया। परिजनों का आरोप है कि इन्हीं दोनों होमगार्डों ने रंजिश के चलते अंकुर की हत्या की है और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को पार्क में फेंक दिया।
थाने पर हंगामा और पुलिस की सफाई
सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के रिश्तेदार सिविल लाइन थाने पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें मौत की सूचना देरी से क्यों दी गई। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि कॉल डिटेल और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।
प्रशासनिक हलचल
एडीएम सिटी के चालक की मौत ने जिला प्रशासन के भीतर भी हलचल पैदा कर दी है। चूंकि मामला सीधे तौर पर एक वरिष्ठ अधिकारी के स्टाफ से जुड़ा है, इसलिए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। कमिश्नरी पार्क जैसे वीवीआईपी क्षेत्र में शव मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने और घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी है।
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