गाजियाबाद: स्मार्ट प्रीपेड बिजली व्यवस्था का आगाज, बैलेंस खत्म होते ही 2000 से अधिक घरों की बत्ती गुल
गाजियाबाद। जनपद में शासन के निर्देशानुसार शुक्रवार से स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था को पूरी तरह से अमलीजामा पहना दिया गया है। विद्युत निगम ने इस नई व्यवस्था के तहत सख्त रुख अपनाते हुए पहले ही दिन उन उपभोक्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, जिनका मीटर बैलेंस नेगेटिव में चल रहा था। दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद जिले भर में एक साथ 2000 से अधिक बिजली कनेक्शन काट दिए गए, जिससे कई इलाकों में हड़कंप मच गया।
बकायेदारों पर बिजली निगम का कड़ा प्रहार
विद्युत निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती चरण में उन उपभोक्ताओं को निशाना बनाया गया है, जिन पर 20 हजार रुपये से अधिक का बकाया था। इन डिफॉल्टर्स पर विभाग का कुल दो करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व बकाया है। आंकड़ों के अनुसार, जोन-प्रथम में लगभग 400, जोन-द्वितीय में सर्वाधिक 1377 और जोन-तृतीय में साढ़े 400 कनेक्शन विच्छेदित किए गए। निगम ने चेतावनी दी है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में अन्य बकायेदारों पर भी गाज गिरेगी।
मोबाइल की तरह अब बिजली भी होगी रिचार्ज
अब गाजियाबाद के उपभोक्ताओं को अपने बिजली कनेक्शन का उपयोग करने के लिए मोबाइल फोन की तरह उसे पहले रिचार्ज करना होगा। बैलेंस शून्य या नेगेटिव होते ही बिजली की आपूर्ति स्वतः ही बंद हो जाएगी। जिले में अब तक दो लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश को प्रीपेड प्रणाली में बदल दिया गया है। निगम का मानना है कि इस व्यवस्था से जहां एक ओर राजस्व की वसूली सुनिश्चित होगी, वहीं उपभोक्ताओं को भी अपने खर्च पर नजर रखने में आसानी होगी।
रिचार्ज के बाद 15 मिनट में आएगी बिजली
जोन-प्रथम के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने जानकारी दी कि जैसे ही उपभोक्ता अपना बकाया चुकाकर रिचार्ज करेगा, उसके घर की बिजली आपूर्ति 10 से 15 मिनट के भीतर स्वचालित रूप से बहाल हो जाएगी। हालांकि, इसके लिए शर्त यह है कि यदि किसी पर 30 हजार का पुराना बकाया है, तो उसे 30 हजार से अधिक की राशि का रिचार्ज करना होगा ताकि उसका बैलेंस पॉजिटिव में आ सके।
अचानक बिजली कटने से उपभोक्ताओं में अफरा-तफरी
शुक्रवार दोपहर के बाद जैसे ही बिजली कटनी शुरू हुई, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई उपभोक्ता इस बात से अनजान थे कि उनकी बिजली बैलेंस खत्म होने के कारण कटी है। लोग बिजली दफ्तरों और हेल्पलाइन नंबर 1912 पर फोन कर जानकारी जुटाते दिखे। विभाग का दावा है कि उपभोक्ताओं को पहले ही फोन कर सूचित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने समय पर रिचार्ज नहीं कराया।
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