मेरठ: अवैध कॉलोनाइजरों पर मेडा का बड़ा प्रहार, आठ कॉलोनियों में विकास कार्य जमींदोज
मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने शहर में अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बसाई जा रही कॉलोनियों के खिलाफ शुक्रवार को निर्णायक कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ आठ अलग-अलग स्थानों पर बुलडोजर चलाकर अवैध कॉलोनियों के भीतर बनाई गई सड़कों, बाउंड्रीवाल, सीवर लाइन और साइट ऑफिस को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। मेडा की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वाले भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
भोला रोड और जैनपुर में भारी ध्वस्तीकरण
ये भी पढ़ें प्रयागराज की 'कुंभ ब्यूटी' मोनालिसा ने अपने बॉयफ्रेंड फरमान से की शादी, पुलिस से मांगी सुरक्षाप्राधिकरण की टीम ने सबसे बड़ी कार्रवाई भोला रोड पर जैनपुर गांव के पास की। यहां यशपाल सिंह चौधरी और शेखर अनमोल द्वारा लगभग 40 हजार वर्ग मीटर की विशाल भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। टीम ने यहां निर्मित पक्की सड़कों, नालियों और बाउंड्रीवाल को बुलडोजर से ढहा दिया। इसी क्षेत्र में महिपाल सिंह द्वारा 15 हजार वर्ग मीटर में विकसित की जा रही एक अन्य कॉलोनी में बिछाई गई सीवर लाइन, नाली और एक निर्माणाधीन अवैध भवन को भी मलबे में तब्दील कर दिया गया।
राधा-कृष्ण कुंज और कंकरखेड़ा क्षेत्र में कार्रवाई
संजय ढाका द्वारा राधा-कृष्ण कुंज के सामने लगभग 10 हजार वर्ग मीटर में काटी जा रही कॉलोनी में कच्ची सड़कों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया गया। इसके अलावा, कंकरखेड़ा के पठानपुरा में कुंवरपाल सिंह की 35 हजार वर्ग मीटर और पेपला गांव में ओमपाल सिंह व परमेंद्र की 25 हजार वर्ग मीटर भूमि पर विकसित कॉलोनियों में भी बाउंड्रीवाल और सड़कों को ध्वस्त किया गया।
बिजली के खंभे और साइट ऑफिस भी नहीं बचे
पठानपुरा और भोला रोड के अन्य हिस्सों में भी मेडा का डंडा चला। अमित कुमार द्वारा आठ हजार वर्ग गज में बनाई गई कॉलोनी का साइट ऑफिस और सड़कें गिरा दी गईं। वहीं, अनिल, सुनील और चंद्रशेखर की खसरा संख्या-253 वाली कॉलोनी में सड़क और नाली के साथ-साथ अवैध रूप से लगाए गए बिजली के खंभों को भी उखाड़ फेंका गया। चार हजार वर्ग मीटर की एक अन्य अवैध कॉलोनी में भी प्राधिकरण ने कच्ची सड़कों को पूरी तरह साफ कर दिया।
मेडा की सख्त चेतावनी
मेरठ विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन कॉलोनियों का मानचित्र स्वीकृत हो सकता है, उनके मालिक तुरंत शमन मानचित्र के लिए आवेदन करें। बिना नक्शा पास कराए किसी भी प्रकार के निर्माण या प्लाटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसके मानचित्र की प्रामाणिकता की जांच अवश्य कर लें।
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