यूपी में मौसम का तांडव: मुजफ्फरनगर में ओले, बिजनौर में आंधी का कहर; सहारनपुर में पूर्व प्रधान समेत दो की मौत

उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम ने भयानक रूप अख्तियार कर लिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने अब वाराणसी समेत प्रदेश के 43 जिलों में बारिश और 17 जिलों में ओले गिरने का 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
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सहारनपुर में दर्दनाक हादसा: सरसावा थाना क्षेत्र के नकुड़ रोड पर आंधी से बचने के लिए टीन शेड के नीचे खड़े दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में भटपुरा के पूर्व प्रधान जयपाल सैनी (55) और नवादा निवासी रामकेश सैनी (56) शामिल हैं। दोनों उत्तराखंड से एक पंचायत कार्यक्रम से लौट रहे थे।
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मुजफ्फरनगर व बिजनौर: मुजफ्फरनगर में देर रात झमाझम बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई। वहीं, बिजनौर में भीषण आंधी के कारण भारी संख्या में पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे व होर्डिंग्स गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
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बिजली गिरने से मौतें: हरदोई और सीतापुर में आकाशीय बिजली गिरने से 2 लोगों की जान चली गई, जबकि 3 अन्य लोग (जिनमें 2 बच्चे शामिल हैं) गंभीर रूप से झुलस गए।
खेती-किसानी पर संकट
बेमौसम की इस मार ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। गेहूं की फसल इस समय पकने की कगार पर है, लेकिन तेज हवाओं और बारिश के कारण फसलें खेतों में बिछ गई हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, खेतों में ज्यादा नमी और ओले गिरने से दानों की गुणवत्ता खराब हो सकती है और फसलों में रोग लगने का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के अनुसार, 19 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जिससे आंधी और बारिश का यह दौर दोबारा शुरू हो सकता है। सोमवार को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
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