सहारनपुर: साइबर ठगी के शिकार डॉक्टर को मिली बड़ी राहत, अदालत के आदेश पर वापस मिले सात लाख रुपये

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में आयुष्मान कार्ड के नाम पर हुई करोड़ों की ठगी के मामले में पुलिस ने पीड़ित डॉक्टर को बरामद की गई रकम का एक हिस्सा वापस सौंप दिया है। जुलाई 2024 में हुई इस सनसनीखेज साइबर ठगी में आरोपियों ने डॉ. प्रभात वर्मा से करीब 90 लाख रुपये से अधिक की रकम हड़प ली थी। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसपी सिटी व्योम बिंदल ने अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉक्टर को सात लाख रुपये की नकदी सुपुर्द की।
आयुष्मान कार्ड के नाम पर बुना था झांसा
ये भी पढ़ें यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा आज, डीआईजी मुनिराज ने मुरादाबाद के परीक्षा केंद्र का किया निरीक्षणमामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि दुधली रोड स्थित कीर्तपुरी कॉलोनी निवासी डॉ. प्रभात वर्मा को शातिर ठगों ने अपना शिकार बनाया था। आरोपियों ने डॉक्टर को फोन कर आयुष्मान कार्ड के बिलों के भुगतान और भारी कमीशन दिलाने का लालच दिया। विश्वास में लेकर ठगों ने अलग-अलग किस्तों में डॉक्टर से कुल 90 लाख 59 हजार 600 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अहसास होने पर डॉक्टर ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
ठगी के पैसों से खरीदी थी लग्जरी कार
साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर लखनऊ निवासी तीन मुख्य आरोपियों अंकित जायसवाल, अभय शर्मा और विवेक शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस की छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी अंकित के घर से सात लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी। साथ ही यह भी खुलासा हुआ था कि आरोपियों ने ठगी की इस बड़ी रकम से अपनी एक महिला मित्र के लिए लग्जरी स्कोडा सुपर्ब कार खरीदी थी, जिसे पुलिस ने पहले ही जब्त कर लिया है।
अदालत के आदेश पर मिली सुपुर्दगी
बरामद सात लाख रुपये मालखाने में जमा थे। पीड़ित डॉक्टर ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बरामद रकम की मांग की थी। अदालत ने डॉक्टर के दावों और पुलिस की रिपोर्ट पर विचार करते हुए व्यक्तिगत बंधपत्र और जमानत की शर्तों के साथ रकम लौटाने का आदेश जारी किया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर को अदालत में सहयोग करना होगा।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें
रकम सौंपने के दौरान एसपी सिटी व्योम बिंदल ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सरकारी योजनाओं या कमीशन के नाम पर की जाने वाली कॉल्स पर भरोसा न करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी विभाग फोन पर बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने की मांग नहीं करता है। किसी भी तरह की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
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लेखक के बारे में
गौरव सिंघल सहारनपुर के एक अनुभवी और प्रतिष्ठित पत्रकार हैं, जो पिछले 18 वर्षों (2007 से) से मीडिया जगत में सक्रिय हैं। पत्रकारिता की बारीकियां उन्होंने विरासत में अपने पिता के मार्गदर्शन में 'अमर उजाला' और 'हिन्दुस्तान' जैसे संस्थानों से सीखीं।
अपने लंबे करियर में उन्होंने इंडिया टुडे (फोटो जर्नलिस्ट), शुक्रवार, इतवार, दैनिक संवाद और यूपी बुलेटिन जैसे दर्जनों प्रतिष्ठित समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में अपनी सेवाएं दीं। लेखनी के साथ-साथ कुशल फोटो जर्नलिस्ट के रूप में भी उनकी विशिष्ट पहचान है।
विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में अनुभव प्राप्त करने के बाद, वर्तमान में गौरव सिंघल सहारनपुर से 'रॉयल बुलेटिन' के साथ जुड़कर अपनी निष्पक्ष और गहरी रिपोर्टिंग से संस्थान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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