पूर्व विधायक के घर बम विस्फोट का मामला : घटनास्थल पहुंचे डीआईजी बोले- आरोपित जांच में सहयोग नहीं कर रहे

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद फर्रुखाबाद में पूर्व विधायक विजय सिंह के घर मंगलवार की शाम हुए विस्फोट में आरोपित जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। सभी टीमों की रिपोर्ट और सेंपलिंग के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विस्फोट किस केमिकल के कारण हुआ।
यह बातें बुधवार को कानपुर परिक्षेत्र के डीआईजी हरिश्चंद्र ने फर्रुखाबाद में कही। वे घटना स्थल पूर्व विधायक के आवास पर जांच पड़ताल करते समय पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कानपुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक हरीश चंद्र ने बम विस्फोट मामले की गहन जांच की। उन्होंने मौके पर काफी देर तक निरीक्षण किया और जांच में जुटी टीमों से आवश्यक जानकारी लेकर दिशा-निर्देश दिए।
ये भी पढ़ें मेरठ: गैस सिलेंडर की किल्लत पर भड़की सपा, विधायक अतुल प्रधान के नेतृत्व में डीएम कार्यालय का घेरावडीआईजी हरीश चंद्र ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को दोबारा बुलाया गया है। बीटीएस के साथ-साथ कानपुर की बीवीपीएम और एटीएस की टीमें भी इस विस्फोट की जांच में जुटी हुई हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट घर के अंदर ही हुआ था, जिसके कुछ साक्ष्य सीसीटीवी में भी मिले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद आरोपिताें ने न तो 112 पुलिस को सूचना दी और न ही कोतवाली पुलिस को अवगत कराया। फिलहाल आरोपित जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
पुलिस ने आरोपिताें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच तेज कर दी है। सभी टीमों की रिपोर्ट और सेंपलिंग के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विस्फोट किस केमिकल के कारण हुआ। इस दौरान कायमगंज के दोहरे हत्याकांड को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में सुराग मिल चुके हैं और जल्द ही खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है और पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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