स्वर्ण पदक पाकर भावुक हुए छात्र, बोले—टीएमयू ने दी नई पहचान और आत्मविश्वास

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में शिक्षा, परिश्रम और उपलब्धि का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के कुल 108 मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। समारोह में मेडिकल, डेंटल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, नर्सिंग, फार्मेसी, लॉ, पैरामेडिकल, एजुकेशन, एग्रीकल्चर और फाइन आर्ट्स सहित कई कॉलेजों के छात्रों ने अपनी मेहनत का फल प्राप्त किया।
इस खास मौके पर जब इन गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों से बातचीत की गई, तो सभी ने एक स्वर में कहा कि उनकी जिंदगी को संवारने और निखारने में यूनिवर्सिटी की भूमिका अविस्मरणीय रही है। छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए न सिर्फ अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और परिवार को दिया, बल्कि यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक माहौल, आधुनिक सुविधाओं और व्यावहारिक शिक्षा प्रणाली की भी खुलकर सराहना की।
तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर की एमबीबीएस बैच 2019 की गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. आकांक्षा सिन्हा ने अपने अनुभव को परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि यहां की शिक्षा ने उनके पेशेवर और व्यक्तिगत विकास दोनों को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि थ्योरी और प्रैक्टिकल के संतुलन ने उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में मजबूत आधार प्रदान किया, वहीं टीमवर्क, कम्युनिकेशन और लीडरशिप जैसे कौशल भी विकसित हुए।
डेंटल कॉलेज की एमडीएस गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. हर्षिता पाण्डेय ने कहा कि उन्होंने यहां केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सटीकता भी हासिल की, जो उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं नर्सिंग की छात्राओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यूनिवर्सिटी का अनुशासित वातावरण, अनुभवी शिक्षक और बेहतरीन क्लिनिकल एक्सपोजर उनके लिए मील का पत्थर साबित हुआ।
ये भी पढ़ें मेरठ: गैस सिलेंडर की किल्लत पर भड़की सपा, विधायक अतुल प्रधान के नेतृत्व में डीएम कार्यालय का घेरावबीएससी नर्सिंग की गोल्ड मेडलिस्ट श्रुति सक्सेना ने कहा कि शिक्षकों की स्पष्ट और गहन शिक्षण शैली ने उनकी समझ को मजबूत किया, जबकि पोस्ट बेसिक नर्सिंग की गोल्ड मेडलिस्ट सोनी पटवाल और दीक्षा शर्मा ने यूनिवर्सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुशासन और शिक्षण प्रणाली को अपनी सफलता का आधार बताया।
पैरामेडिकल और फॉरेंसिक साइंस की छात्राओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यहां उन्हें वैज्ञानिक सोच, रिसर्च और व्यावहारिक प्रशिक्षण का बेहतरीन संयोजन मिला। सुनुबिया रहमान और प्रभनीत कौर ने कहा कि इस कोर्स ने उनकी आलोचनात्मक सोच को मजबूत किया और उन्हें वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार किया।
मैनेजमेंट और कॉमर्स के छात्रों ने यूनिवर्सिटी के इंडस्ट्री-ओरिएंटेड पाठ्यक्रम, सेमिनार और वर्कशॉप्स को बेहद उपयोगी बताया। बीबीए की गोल्ड मेडलिस्ट दिव्या जैन और बीकॉम ऑनर्स की कपिशा राणा ने कहा कि यहां का सकारात्मक माहौल और व्यावहारिक शिक्षा उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती रही।
फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की अदिति बंसल ने इस उपलब्धि को अपने जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि उनके परिवार, शिक्षकों और दोस्तों की भी है, जिन्होंने हर कठिन समय में उनका साथ दिया। वहीं फार्मेसी की गोल्ड मेडलिस्ट निशु पांडेय ने यूनिवर्सिटी के आधुनिक लैब, अनुभवी शिक्षकों और उन्नत शिक्षण पद्धति को अपनी सफलता का मुख्य कारण बताया।
डेंटल और मेडिकल क्षेत्र के छात्रों ने क्लिनिकल एक्सीलेंस और रिसर्च आधारित शिक्षा को अपनी उपलब्धि का आधार बताया, जबकि लॉ के छात्र पुष्कर दीक्षित ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने उन्हें केवल कानून की पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विश्लेषणात्मक सोच और आत्मविश्वास भी दिया।
आईटी, कंप्यूटर साइंस और एनिमेशन के छात्रों ने बताया कि यहां के कोर्स में थ्योरी और प्रैक्टिकल का बेहतरीन संतुलन है, जिससे उन्हें इंडस्ट्री के लिए तैयार होने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का फ्रेंडली और सपोर्टिव माहौल उनके आत्मविश्वास को लगातार बढ़ाता रहा।
एग्रीकल्चर और फिजिकल एजुकेशन के छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि फील्ड वर्क, रिसर्च और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ने उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार किया और उनके व्यक्तित्व को सशक्त बनाया।
कुल मिलाकर, इस दीक्षांत समारोह में सिर्फ डिग्रियां ही नहीं बांटी गईं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और सपनों को सम्मान मिला। गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों के शब्दों में एक ही भावना स्पष्ट नजर आई—कि तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी ने न केवल उन्हें शिक्षा दी, बल्कि जीवन को सही दिशा और आत्मविश्वास भी दिया।
अंत में सभी मेधावी छात्रों ने एक स्वर में कहा—“थैंक यू टीएमयू”, क्योंकि उनके अनुसार यही वह मंच है जिसने उनके सपनों को साकार करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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