यूपी में रामपुर बना शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने वाला पहला जिला, गजियाबाद दूसरे और अंबेडकरनगर तीसरे पायदान पर
योगी के मिशन में 31 मार्च तक हर जिले में आईडी बनाने का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के किसानों को डिजिटल शक्ति से जोड़ने का अभियान रंग ला रहा है। प्रदेश भर में चलाए जा रहे 'फार्मर रजिस्ट्री' अभियान के तहत रामपुर ने इतिहास रचते हुए निर्धारित समय सीमा से पहले ही शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। रामपुर की इस सफलता ने डिजिटल एग्रीकल्चर की दिशा में एक नया मानक स्थापित किया है। जबकि गजियाबाद दूसरे और अंबेडकरनगर तीसरे स्थान पर रहे।
मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथके निर्देशानुसार 1 जनवरी से शुरू हुआ यह विशेष अभियान 31 मार्च तक चलना है। रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के कुशल प्रबंधन में जिले ने 2,09,828 किसानों की आईडी बनाने का लक्ष्य 17 मार्च तक ही पूरा कर लिया। प्रदेश की रैंकिंग में गाजियाबाद दूसरे और अंबेडकरनगर तीसरे स्थान पर रहा। टॉप-10 जिलों की सूची में औरैया, बाराबंकी, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, मीरजापुर और बिजनौर ने भी अपनी जगह बनाई है। इस विशेष अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में कुल 2,88,70,495 किसानों की फार्मर आईडी बनाने का विशाल लक्ष्य रखा गया है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, अब तक पूरे प्रदेश में 1,99,42,798 किसानों की रजिस्ट्री सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी है।
इन नवाचारों से मिली सफलता
रामपुर प्रशासन ने किसानों को जागरूक करने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई और गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, वॉल पेंटिंग, होर्डिंग और प्रचार वाहनों का सहारा लिया गया।इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर चौपालें लगाकर किसानों की शंकाओं का समाधान किया गया। इस जिले में राजस्व, कृषि, पंचायती राज और गन्ना विभाग के कर्मचारी घर-घर पहुंचे। जिला प्रशासन द्वारा बेहतर काम करने वालों को प्रोत्साहन और लापरवाही बरतने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई।
क्या है 'फार्मर आईडी' और इसके बड़े लाभ?
सरकार का लक्ष्य किसानों को बार-बार कागजी कार्रवाई से मुक्ति दिलाना है। इस आईडी के बनने से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा सीधे और बिना किसी रुकावट के मिलेगा। निर्धारित मूल्य पर खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। किसान क्रेडिट कार्ड के लिए बार-बार अभिलेखों के सत्यापन की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेचना आसान होगा। वहीं राज्य और केंद्र की हर नई योजना का लाभ एक क्लिक पर मिलेगा।
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प्रदेश के रामपुर जलिे में 2,09,828 फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य था, जिसे समय से पहले ही 100% पूरा कर लिया गया। गाजियाबाद में 38,909 के सापेक्ष 36,598 फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं। जबकि अंबेडकरनगर जिले में 3,42,847 के लक्ष्य की तुलना में अभी तक 3,10,145 फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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