एसटीएफ टीम ने पचास हजार के इनामी अंतरराज्यीय गो तस्कर एजाज को चंदौली से दबोचा

वाराणसी/चंदौल)। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की मेरठ की टीम ने पचास हजार के इनामी अंतरराज्यीय गो तस्कर एजाज को जनपद चंदौली के मझवार रेलवे स्टेशन से दबोच लिया। बृजेश कुमार सिंह (अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ फील्ड इकाई मेरठ) और उप निरीक्षक प्रमोद कुमार की टीम को यह सफलता मिली। गिरफ्तार तस्कर के खिलाफ स्थानीय पुलिस विधिक कार्रवाही में जुट गई है।
एसटीएफ के अफसरों के अनुसार मूल रूप से मोहल्ला कुरेशियान कस्बा व थाना गंगोह जनपद सहारनपुर निवासी एजाज पुत्र इकराम लम्बे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की विभिन्न इकाई जुटी हुई थी। मेरठ की टीम उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, मुख्य आरक्षी सितम सिंह, प्रताप कुमार, विकास धामा जनपद चन्दौली में आपराधिक अभिसूचना संकलन की कार्यवाही में मौजूद थे। इसी दौरान सूचना मिली कि जनपद चन्दौली के थाना चन्दौली पर पंजीकृत मुकदमें में इनामी तस्कर एजाज मझवार रेलवे स्टेशन के पास मौजूद है। एसटीएफ टीम ने त्वरित कार्रवाही कर एजाज को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में तस्कर ने बताया कि वह पहले ग्राम बपारसी जनपद मेरठ में प्रत्येक बुधवार को लगने वाली पशुओं की पैठ से पशुओं को लाने व ले जाने का काम करता था। वर्ष 2022 में ग्राम बपारसी मेरठ में पशुओं की पैठ में इसकी जान-पहचान खलील निवासी मुरादाबाद से हुई थी, जो ग्राम बपारसी पशुओं की पैठ के आता रहता था। खलील ने फोन कर उसे मेरठ बुलाया और अपने साथ काम करने को कहा। उसके बाद वह खलील के साथ मुरादाबाद गया और वहां से दोनों मैनपुरी चले गये।
मैनपुरी में सावेज निवासी खतौली को बुलाया और फिर खलील ने मैनपुरी में पशुओं की ठेकेदारी करने वाले अपने एक अन्य साथी से मिलवाया। उसके बाद यह अपने साथियों के साथ मिलकर गोवंशीय पशुओं की तस्करी करने लगा। जिसकी एवज में इसे 5,000 रूपये प्रत्येक चक्कर के मिलते थे। वर्ष 2022 में वह तथा अन्य साथी थाना चन्दौली जनपद चन्दौली में गौ-तस्करी के मामले में गिरफ्तार किए गए थे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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