वाराणसी: गंगा में नॉन-वेज फेंकने वाले 14 आरोपी गिरफ्तार, नाव जब्त और कड़ी कार्रवाई

वाराणसी। वाराणसी में गंगा नदी के बीच एक नाव पर कुछ लोगों के इफ्तार पार्टी करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें लोग नहीं में नॉन वेज फेंकते दिखाई दिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। वीडियो में आरोप लगाया गया है कि नाव पर लोगों ने मांसाहारी खाना खाया और बचा हुआ खाना गंगा में फेंक दिया। कहा जा रहा है कि इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, क्योंकि गंगा नदी को बहुत पवित्र माना जाता है और यहां लाखों लोग पूजा और स्नान करते हैं। यह वीडियो इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर काफी शेयर किया गया। इसमें सूर्यास्त के समय एक छोटी नाव पर कुछ लोग चिकन बिरयानी और अन्य खाने की चीजें खाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
ये भी पढ़ें मेरठ: लाइव वीडियो में पति और भाई पर शोषण का आरोप लगाने वाली महिला की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्तीभाजपा की युवा शाखा के एक नेता की शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने इस मामले में शामिल लोगों और नाव चलाने वाले के खिलाफ केस दर्ज किया। उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने, गंदगी फैलाने और सार्वजनिक उपद्रव करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं। इस मामले में अब तक 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और वीडियो की सच्चाई भी जांची जा रही है। साथ ही वीडियो में दिख रहे बाकी लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। कोतवाली के एसीपी विजय प्रताप सिंह ने कहा, “कल हमें इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे एक वीडियो की जानकारी मिली।
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इसमें कुछ लोग एक नाव पर इफ्तार पार्टी कर रहे थे, खाना खा रहे थे और हड्डियां नदी में फेंक रहे थे। नाव के बीच में एक बर्तन रखा था, जिसमें चिकन बिरयानी थी और सभी उसी में से खा रहे थे। इसके बाद 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।” अधिकारियों ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। जो लोग प्रदूषण फैलाते हैं या सार्वजनिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब नदी और घाटों पर तैनात पुलिस नावों पर ज्यादा नजर रख रही हैं, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इस मामले के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि सार्वजनिक जगहों पर धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना और पर्यावरण को साफ रखना कितना जरूरी है, खासकर वाराणसी जैसे शहरों में, जहां धर्म और पर्यटन दोनों बहुत महत्वपूर्ण हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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