लखनऊ में मोबाइल चोर गिरोह गिरफ्तार: लग्जरी गाड़ी से करते थे रेकी, नेपाल में बेचते थे चोरी के फोन

लखनऊ। लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आज, 17 मार्च 2026 को पुलिस ने 4 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जो लखनऊ के महंगे मोबाइल शोरूम्स को निशाना बनाकर चोरी किए गए हैंडसेट नेपाल में ठिकाने लगाते थे। यह गैंग किसी साधारण चोर की तरह नहीं, बल्कि लग्जरी गाड़ियों में घूमकर वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस पूछताछ में इस गिरोह ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं । गिरोह के सदस्य स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर जैसी बड़ी गाड़ियों में घूमते थे ताकि किसी को उन पर शक न हो। वे पॉश इलाकों के मोबाइल शोरूम्स की दिन में रेकी करते थे। देर रात ये लोग शटर के लॉक काटकर या शटर उठाकर दुकान में दाखिल होते थे और चंद मिनटों में केवल महंगे आईफोन (iPhone) और प्रीमियम एंड्रॉइड फोन समेट कर फरार हो जाते थे। लखनऊ में चोरी किए गए इन मोबाइलों को ट्रैक होने से बचाने के लिए वे तुरंत सरहद पार नेपाल भेज देते थे, जहां आईएमईआई (IMEI) ट्रैकिंग की जटिलताओं के कारण इन्हें आसानी से ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।
बरामदगी और गिरफ्तारी
पकड़े गए चार आरोपी पेशेवर अपराधी हैं, जिनमें से दो पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस ने इनके पास से चोरी के 22 महंगे स्मार्टफोन्स, शटर काटने के आधुनिक उपकरण और वारदात में इस्तेमाल की गई एक लग्जरी एसयूवी (SUV) बरामद की है। बरामद किए गए मोबाइल फोन की बाजार में कीमत करीब 15 से 18 लाख रुपये बताई जा रही है। लखनऊ के डीसीपी (क्राइम) ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में शहर के कई इलाकों (गोमती नगर, हजरतगंज और इंदिरा नगर) में मोबाइल दुकानों के शटर कटने की घटनाएं हुई थीं। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से इस गिरोह को दबोचा गया।
अधिकारियों की सलाह
"दुकानदार अपने शोरूम में सेंसर अलार्म सिस्टम और हाई-क्वालिटी नाइट विजन कैमरे लगवाएं, जो शटर हिलते ही मालिक के फोन पर अलर्ट भेज सकें।"
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां