सपा में ‘लेटर वॉर’ पर तूफानी सरोज का पलटवार, बोले अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं

जौनपुर। यूपी के जौनपुर में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लिखे पत्र के गोपनीय पत्र केवायरल हुए और आंतरिक खींचतान के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद तूफानी सरोज ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम लिखा गया पत्र सार्वजनिक करना “घोर अनुशासनहीनता” है और इससे संगठन को नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों के निर्देश भले ही जिला स्तर पर दिए जाते हों, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि आयोजन केवल एक ही स्थान पर हो। कांशीराम की जयंती पर पूरे प्रदेश में अलग-अलग विधानसभाओं में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। अगर किसी को आपत्ति थी तो उसे संगठनात्मक स्तर पर ही उठाया जाना चाहिए था, न कि उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता।
ये भी पढ़ें मुज़फ्फरनगर में धर्मकांटे पर तौल का 'बड़ा खेल' उजागर; 50 कुंतल पर 15 किलो का 'झोल', तौल पर लगी रोककेराकत में आयोजित कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद पर सरोज ने कहा कि यह आयोजन कार्यकर्ताओं की मांग पर किया गया था। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी, जहां 300 से अधिक लोगों ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए, जबकि कई लोग भीड़ के कारण ऐसा नहीं कर सके।
तूफानी सरोज ने पार्टी में गुटबाजी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में पार्टी सभी 9 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति को पार्टी की असली ताकत बताते हुए कहा कि इससे समाज के हर वर्ग का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
ये भी पढ़ें पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल रिहैब सेंटर पर एयरस्ट्राइक की, 400 से ज्यादा मौतें : तालिबानअपनी बेटी प्रिया सरोज के समर्थन में भी वह मजबूती से खड़े नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाकर भाजपा को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि कांशीराम का जन्मदिन मनाना कोई गलत काम नहीं है और भविष्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती भी जिले भर में भव्य रूप से मनाई जाएगी। अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करें और ‘साइकिल’ को जिताने के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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