मुजफ्फरनगर: जिलाधिकारी ने दी किसानों को सौगात, अब हर हफ्ते दुकानों पर लगेगी जागरूकता गोष्ठी

मुजफ्फरनगर। जनपद में मिट्टी की सेहत सुधारने और रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। सोमवार को विकास भवन के सभागार में जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में 'धरती माता बचाओ निगरानी समिति' और उर्वरक समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए गए।
हर सप्ताह दुकान पर जुटेगी किसानों की चौपाल
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिना परमिट चल रही टूरिस्ट बस सीज, ₹81,800 का जुर्मानाजिलाधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे सप्ताह में एक दिन निर्धारित कर अपनी दुकान से जुड़े किसानों के साथ जागरूकता गोष्ठी का आयोजन करें। इन गोष्ठियों में किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों और उनके सीमित उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी श्री राहुल तेवतिया ने बताया कि विक्रेताओं की जिम्मेदारी होगी कि वे किसानों को खाद की सही मात्रा और सही विधि के बारे में समझाएं।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: तेवड़ा-चौरावाला मार्ग पर दो बाइकों की भीषण भिड़ंत, ईद की खुशियां मातम में बदलींफसल अवशेष जलाना मना, मिट्टी में मिलाकर बनाएं खाद
बैठक में 'धरती माता' को बचाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा गया कि किसान फसल अवशेष (परावली) को कतई न जलाएं। इसके बजाय अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर कंपोस्ट खाद के रूप में प्रयोग करें। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ेगी। वैकल्पिक खाद के तौर पर गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट, और हरी खाद (ढैंचा, सनई) के उपयोग पर बल दिया गया। साथ ही बायो-फर्टिलाइजर्स जैसे राइजोबियम और पीएसबी के इस्तेमाल की सलाह दी गई।
फार्मर रजिस्ट्री के बिना नहीं मिलेगी खाद
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी सत्र से उर्वरकों की बिक्री 'फार्मर रजिस्ट्री' के आधार पर ही होगी। जिन किसानों की रजिस्ट्री नहीं है, उनके लिए विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। विक्रेता अब 'फार्मर सहायक यूपी ऐप' के माध्यम से दुकान पर आने वाले किसानों की रजिस्ट्री करने में मदद करेंगे। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि खाद की बिक्री जोत बही और फसल की आवश्यकता के अनुसार ही की जाए और इसका पूरा विवरण पंजिका में दर्ज हो।
गड़बड़ी करने वाले विक्रेताओं पर होगी सीधी एफआईआर
उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी थोक या खुदरा विक्रेता खाद की टैगिंग (एक सामान के साथ दूसरा जबरन बेचना) करता है या टॉप-20 सूची में संदिग्ध रूप से आता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में संबंधित कंपनी और विक्रेता के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाए।
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