मुजफ्फरनगरः जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन, आपसी समझौते से निपटाए गए चार लाख से अधिक मामले
लाखों लंबित मामलों में सुलह-समझौते के आधार पर मिला त्वरित न्याय
मुजफ्फरनगर। जनपद न्यायालय मुजफ्फरनगर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का गरिमामयी आयोजन किया गया, जिसमें न्याय के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित निस्तारण का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष बिरेन्द्र कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए लोक अदालत की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहाँ किसी की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्ष आपसी सौहार्द और समझौते के साथ अपने विवादों का अंत करते हैं। इससे न केवल वादकारियों के कीमती समय और धन की बचत होती है, बल्कि समाज में भाईचारा भी बना रहता है।
सभागार में मौजूद बैंक अधिकारियों को निर्देशित करते हुए जनपद न्यायाधीश ने कहा कि वे ऋण संबंधी मामलों में ग्राहकों को अधिकतम राहत और छूट प्रदान करें ताकि अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित हो सके। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय खलीकुज्जमा ने भी पारिवारिक विवादों को सुलह के जरिए खत्म करने पर बल दिया, जिसका परिणाम यह रहा कि लोक अदालत में परिवार न्यायालयों के माध्यम से कुल एक सौ बासठ मामलों का सफल निस्तारण किया गया।
लोक अदालत के नोडल अधिकारी और अपर जिला जज रवि कुमार दिवाकर ने अपने संबोधन में इसे वंचित और कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के लिए वरदान करार दिया। उन्होंने कहा कि यह त्वरित न्याय प्राप्त करने का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल चार लाख इक्कीस हजार आठ सौ पन्द्रह प्रकरणों का निस्तारण कर एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया गया है।
विभिन्न श्रेणियों में हुए निस्तारण की बात करें तो मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण की पीठासीन अधिकारी आदेश नैन ने कुल पचासी वादों का निस्तारण किया और आठ करोड़ संतानवे लाख अठासी हजार रुपये की भारी-भरकम राशि बतौर प्रतिकर प्रदान की। इसके अतिरिक्त जनपद न्यायालय के विभिन्न कोर्टों द्वारा सात हजार दो सौ अठारह शमनीय फौजदारी और पचास दीवानी वादों का निपटारा किया गया। फौजदारी मामलों में बीस लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड वसूला गया, जबकि दीवानी मामलों में सियासी लाख रुपये से अधिक का अनुतोष प्रदान किया गया। एनआई एक्ट के तहत भी सत्रह वादों का निस्तारण कर अट्ठाइस लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड वसूला गया।
प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों ने पंद्रह हजार आठ सौ छियासी मामलों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ बासठ लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त किया। बैंकिंग क्षेत्र में भी बड़ी सफलता मिली, जहाँ पांच सौ पचासी बैंक ऋण मामलों का सेटलमेंट कर लगभग पांच करोड़ तैंतीस लाख बहत्तर हजार रुपये की धनराशि का निस्तारण किया गया।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, महासचिव सुरेन्द्र मलिक, सिविल बार संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार मित्तल और महासचिव राज सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी और बैंक प्रतिनिधि मौजूद रहे। भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम राजकुमार सिंह और लीड बैंक मैनेजर सुरेन्द्र सिंह ने भी अपनी टीम के साथ सक्रिय सहभागिता की। दिनभर चले इस अभियान में हजारों की संख्या में पहुंचे वादकारियों ने अपने लंबित मामलों का निस्तारण कराकर राहत की सांस ली।
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मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप त्यागी पिछले दो दशकों (20 वर्ष) से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक अटूट और विश्वसनीय स्तंभ हैं। दो दशकों के अपने इस लंबे सफर में आपने मुज़फ्फरनगर की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलचल को बेहद करीब से देखा और अपनी लेखनी से जनता की आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में जिला प्रभारी की ज़िम्मेदारी निभा रहे श्री त्यागी अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए पूरे जिले में पहचाने जाते हैं। जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 9027803022 पर संपर्क कर सकते हैं।

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