शामली जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन, आपसी समझौते से निपटाए गए लगभग दो लाख मामले
कैराना/शामली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय इलाहाबाद तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को जनपद शामली के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर न्याय की सुलभता और त्वरित निस्तारण का अभूतपूर्व उदाहरण पेश करते हुए हजारों परिवारों के बीच चल रहे कानूनी विवादों को आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से समाप्त कराया गया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष इंदर प्रीत सिंह जोश ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस गरिमामयी समारोह में शामली के जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान, पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र प्रताप सिंह और उप जिलाधिकारी कैराना निधि भारद्वाज सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, बैंक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
लोक अदालत की सफलता के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपद न्यायाधीश इंदर प्रीत सिंह जोश के कुशल मार्गदर्शन में शामली जिले के समस्त न्यायालयों द्वारा कुल 7361 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 74 लाख 54 हजार रुपये से अधिक की धनराशि का सेटलमेंट हुआ। विभिन्न न्यायालयों में पीठासीन अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए वादों का निपटारा किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ब्रिजेश शर्मा ने 24 मामले, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्र राय ने 175 मामले और पोक्सो कोर्ट की न्यायाधीश सीमा वर्मा ने 5 मामलों का निस्तारण किया। इसी क्रम में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशान्त सिंह ने 1008, सिविल जज सीनियर डिवीजन आंचल कसाना ने 1537 और सिविल जज सीनियर डिवीजन आशीष काम्बोज ने 848 मामलों को सुलह के आधार पर समाप्त कराया।
न्यायालयों के अतिरिक्त राजस्व अदालतों ने भी इस अभियान में बड़ी उपलब्धि हासिल की। राजस्व न्यायालयों के माध्यम से रिकॉर्ड एक लाख निवासी हजार आठ सौ बावन मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित प्री-लिटिगेशन वादों में भी उल्लेखनीय प्रगति देखी गई। कुल 457 बैंक ऋण मामलों का निपटारा करते हुए पांच करोड़ चौहत्तर लाख रुपये से अधिक की धनराशि का आपसी समझौता कराया गया। इस प्रकार जनपद शामली में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल एक लाख सत्तानवे हजार छह सौ सत्तर वादों का निस्तारण कर न्याय की गति को नई दिशा दी गई। कुल मिलाकर पूरी लोक अदालत में 6 करोड़ 49 लाख 23 हजार रुपये से अधिक की धनराशि का सेटलमेंट हुआ।
ये भी पढ़ें सरकारी आश्वासन समिति की बैठक सम्पन्न, जिला अस्पताल व निकिता ग्रीनटेक प्लांट का किया निरीक्षणसमारोह के समापन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव आंचल कसाना ने राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए सभी न्यायिक अधिकारियों, जिला प्रशासन, बैंक कर्मियों और वादकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न केवल न्यायालयों के बोझ को कम करती है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को बिना किसी शुल्क और मानसिक तनाव के न्याय दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दौरान न्यायालय परिसर में दिन भर वादकारियों की चहल-पहल बनी रही और लोग वर्षों पुराने विवादों के खत्म होने पर राहत महसूस करते नजर आए।
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