यूपी 5.64 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाने वाला देश का अग्रणी राज्य, लाखों परिवारों को मिल रहा है कैशलेस इलाज
योगी सरकार के विशेष अभियान: पिछले तीन माह में बने 18 लाख नए आयुष्मान कार्ड
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को हर पात्र नागरिक तक पहुँचाने के संकल्प के साथ योगी सरकार ने एक विशेष अभियान के माध्यम से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में अब तक लगभग 5.64 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाकर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन चुका हैं, जिससे करोड़ों परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। राज्य में पिछले तीन माह के भीतर ही करीब 17.94 लाख नए आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं।
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अब तक उत्तर प्रदेश 5.64 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाने वाला देश का अग्रणी राज्य बन गया है। वर्तमान में चल रहा विशेष अभियान 15 जनवरी से शुरू होकर 15 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा। जबकि योगी सरकार के विशेष अभियान के तहत राज्य में पिछले तीन माह के भीतर ही करीब 17.94 लाख नए आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 1,12,855 कार्ड बरेली जनपद में बने, जिसके बाद जौनपुर में 83,042, आगरा में 76,702, प्रयागराज में 74,252 कार्ड तथा आजमगढ़ जिले में 70,266 कार्ड बने हैं। वहीं वहीं जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित निर्धन परिवार के सदस्यों का भी आयुष्मान कार्ड बनाया गया। इसमें सबसे अधिक वाराणसी में कार्ड बनाए गए। इसके बाद हापुड़, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में कार्ड बनाए गए।
आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर विशेष ध्यान
साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान सरकार द्वारा आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें आशा कार्यकर्ताओं के करीब 3.24 लाख, आंगनबाड़ी कार्यकत्री के 1.53 लाख और आंगनबाड़ी सहायिका के परिवारों को 1.51 लाख कार्ड जारी किये जा चुके हैं। जबकि लगभग 64 हजार लाभार्थियों के कार्ड बनने बाकी हैं। इसके अलावा 'वय वंदना योजना' के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 25.70 लाख बुजुर्गों को भी आयुष्मान योजना के दायरे में लाकर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है।
समन्वित प्रयास से मिली सफलता
यह अभियान स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। अभियान को ग्राम स्तर पर स्वयंसेवकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र परिवारों तक पहुंच बनाकर उनका सत्यापन किया गया और मौके पर ही आयुष्मान कार्ड बनाए गए। ग्राम स्तर पर कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर सत्यापन कर मौके पर ही कार्ड बनाने से पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुँचाना सरल हो गया है।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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