मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग का चाबुक: अवैध रूप से चल रही दो प्रयोगशालाएं सील
बघरा और चरथावल विकास खंड क्षेत्रों में औचक निरीक्षण, झोलाछाप संचालकों में मचा
मुजफ्फरनगर। जनपद में अवैध रूप से संचालित चिकित्सालयों और जांच केंद्रों के विरुद्ध प्रशासन ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के कड़े निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बघरा और चरथावल विकास खंड क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बिना पंजीकरण चल रही दो प्रयोगशालाओं को सील कर दिया गया, जिससे बिना मान्यता के स्वास्थ्य सेवा देने वाले संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम जब चरथावल विकास खंड में पहुंची, तो वहां डॉ. एहतेशाम राणा और डॉ. राहुल राणा द्वारा संचालित प्रयोगशालाओं और एक्स-रे केंद्रों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सतेंद्र कुमार और उनकी टीम ने जब संचालकों से अस्पताल के पंजीकरण प्रमाण-पत्र और अन्य अनिवार्य दस्तावेज मांगे, तो संचालक कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
कार्रवाई और आगे की चेतावनी
दस्तावेज न मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से इन केंद्रों को सील कर दिया। इसके साथ ही, विभागीय नियमानुसार दोनों संचालकों को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब तलब किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे केंद्रों के खिलाफ निरंतर चेकिंग अभियान जारी रहेगा और बिना पंजीकरण कोई भी केंद्र संचालित नहीं होने दिया जाएगा।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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