मेरठ : नमाज और विरोध प्रदर्शन पर पुलिस की सख्ती, बयानबाजी से गरमाया उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल

मेरठ। मेरठ सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पुलिस प्रशासन की सख्ती और राजनीतिक दिग्गजों की बयानबाजी ने सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। मेरठ के हिंदू नेता सचिन सिरोही ने पुलिस अधिकारियों के हालिया बयानों का खुला समर्थन किया है, जिससे यह मुद्दा और अधिक चर्चाओं में आ गया है।
सड़कों पर नमाज को लेकर मेरठ पुलिस का कड़ा रुख
मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने स्पष्ट संदेश जारी करते हुए नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक सड़कों पर नमाज न पढ़ी जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यातायात बाधित होता है या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
संभल में ईरान के समर्थन और ओवैसी की टिप्पणी पर विवाद
उधर, संभल में पुलिस प्रशासन ने ईरान के समर्थन में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन या नारेबाजी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस बीच, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा संभल के सीओ (क्षेत्राधिकारी) पर की गई विवादित टिप्पणी ने मामले को और तूल दे दिया है। ओवैसी के इस बयान के बाद पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
आजम खान के 'काले कपड़े' वाले बयान से उबाल
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने भी ईद की नमाज को लेकर एक नया बयान दिया है। उन्होंने कथित तौर पर नमाज के दौरान काले कपड़े पहनने का आह्वान किया है, जिसे विरोध के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। आजम खान के इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। हिंदू नेता सचिन सिरोही ने इन राजनीतिक बयानों की निंदा करते हुए पुलिस की कार्रवाई को कानून व्यवस्था की दृष्टि से सही ठहराया है।
प्रशासन पूरे जनपद और आसपास के क्षेत्रों में हाई अलर्ट पर है और सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की भ्रामक सूचना से सौहार्द न बिगड़े।
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