ठाकरे ने महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ दल पर चुनाव जीतने के लिए सत्ता के दुरुपयोग का लगाया आरोप
मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने सत्तारूढ़ दल भाजपा, प्रशासन और चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे किसी भी तरह से चुनाव जीतने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। ठाकरे ने अपने परिवार के साथ मतदान करने के बाद पत्रकारों से कहा कि प्रशासन सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम कर रहा है। सत्ता के दुरुपयोग की सीमा होनी चाहिए। उन्होंने कहा "सत्ता में बैठे लोगों का इरादा किसी भी कीमत पर सत्ता हथियाने का है। अधिकार का ऐसा दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।"
श्री ठाकरे ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने चुनाव आयोग के समर्थन से विधानसभा चुनावों के दौरान भी इसी तरह की रणनीति अपनाई थी और अब चल रहे नगर निगम चुनावों में भी वही प्रयास कर रहे हैं।
मनसे अध्यक्ष ने उस निर्णय पर भी सवाल उठाए, जिसमें उम्मीदवारों को मतदान से एक दिन पहले मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलने की अनुमति दी गई थी, जबकि ऐसी बैठकों की अनुमति देने वाला कोई नियम नहीं था। उन्होंने पूछा "क्या यह अनुमति केवल पैसे बांटने के लिए दी गई थी?" ठाकरे ने मतगणना के लिए एक नई 'प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट' (पीएडीयू) मशीन के उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि पिछले चुनावों में इसका कभी उपयोग नहीं किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इस निर्णय के संबंध में विपक्षी दलों को विश्वास में नहीं लिया और न ही बार-बार लिखित अनुरोधों के बावजूद जानकारी प्रदान की।
इसके अतिरिक्त मनसे नेता ने मतदान के दौरान पारंपरिक अमिट स्याही के स्थान पर मार्कर के उपयोग पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा "ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि इन मार्करों की स्याही को मिटाया जा सकता है।", उन्होंने इसे सत्ता के दुरुपयोग का एक और उदाहरण बताया।
यह चेतावनी देते हुए कि इस तरह की प्रथाएं लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा हैं, श्री ठाकरे ने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल विपक्ष को खत्म करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने मनसे कार्यकर्ताओं, शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और नागरिकों से इन प्रयासों का मुकाबला करने के लिए सतर्क और एकजुट रहने की अपील की।
