भारतीय निर्यात ने रचा इतिहास, लगातार तीसरी तिमाही में बना सबसे बड़ा रिकॉर्ड
आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीने में अप्रैल से दिसंबर तक देश का कुल निर्यात 634.26 अरब डॉलर रहा। इसमें 4.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। वहीं आयात भी 4.95 फीसदी बढ़कर 730.84 अरब डॉलर रहा। इस प्रकार, कुल व्यापार घाटा 9.21 फीसदी की वृद्धि के साथ 96.58 अरब डॉलर रहा।
इसमें वस्तुओं का निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 330.29 अरब डॉलर और सेवाओं का 6.46 प्रतिशत बढ़कर 303.97 अरब डॉलर दर्ज किया गया। वहीं, वस्तु आयात 5.90 प्रतिशत बढ़कर 578.61 अरब डॉलर और सेवा आयात 1.48 प्रतिशत बढ़कर 152.23 अरब डॉलर पर रहा।
पहले नौ महीने की अवधि में अमेरिका को वस्तुओं का निर्यात 9.75 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 65.88 अरब डॉलर दर्ज किया गया। चीन को वस्तु निर्यात में 36.68 फीसदी का उछाल आया और यह 14.25 अरब डॉलर हो गया।
अप्रैल से दिसंबर के दौरान, गैर-पेट्रोलियम वस्तु निर्यात 5.51 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 288.16 अरब डॉलर और आयात 9.45 प्रतिशत बढ़कर 443.18 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पेट्रोलियम आयात में 4.25 प्रतिशत की कमी आयी है और यह 135.43 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
अप्रैल-दिसंबर के दौरान भारत से सबसे ज्यादा निर्यात होने वाली वस्तुओं में अभियांत्रिकी वस्तुएं, पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं शीर्ष तीन पर रहीं। वहीं, आयात के मामले में पेट्रोलियम, कच्चा तेल और उनके उत्पाद शीर्ष पर रहे। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं और सोने का आयात रहा। मूल्य में 49.39 अरब डॉलर के सोने का आयात किया गया।
इस दौरान सबसे ज्यादा 65.88 अरब डॉलर का निर्यात अमेरिका को किया गया। इसके बाद क्रमशः संयुक्त अरब अमीरात (28.92 अरब डॉलर) और चीन (14.25 अरब डॉलर) रहा। नीदरलैंड, ब्रिटेन, जर्मनी, बंग्लादेश, सिंगापुर, सऊदी अरब और हांगकांग भी क्रमशः शीर्ष 10 में शामिल रहे।
सबसे ज्यादा 95.95 अरब डॉलर का आयात चीन से किया गया। संयुक्त अरब अमीरात से 49.55 अरब डॉलर और रूस से 44.98 अरब डॉलर का आयात हुआ। शीर्ष में 10 में अन्य देश क्रमशः अमेरिका, सऊदी अरब, इराक, हांगकांग, सिंगापुर, स्विटजरलैंड और जापान रहे।
मंत्रालय ने बताया कि निर्यात के मुकाबले आयात में तेज बढ़ोतरी से दिसंबर 2025 में वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 25.04 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पिछले साल दिसंबर में यह 20.63 अरब डॉलर रहा था।
माह के दौरान वस्तु निर्यात 1.88 प्रतिशत बढ़कर 38.51 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं वस्तु आयात 8.67 फीसदी की वृद्धि के साथ 63.55 अरब डॉलर हो गया।
सेवाओं का निर्यात एक साल पहले के 36.97 अरब डॉलर से घटकर 35.50 अरब डॉलर रह गया। सेवाओं के आयात में भी कमी आयी है और यह 17.80 अरब डॉलर की तुलना में 17.38 अरब डॉलर रह गया।
इस प्रकार, सेवाओं और वस्तुओं को मिलाकर कुल निर्यात 74.01 अरब डॉलर और कुल आयात 80.94 अरब डॉलर रहा। इसमें सालाना आधार पर निर्यात घटा है जबकि आयात बढ़ा है। कुल व्यापार घाटा दिसंबर 2024 के 1.46 अरब डॉलर से बढ़कर 6.92 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
