सिख गुरुओं के विवादित वायरल वीडियो पर अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए सीएम भगवंत मान
- वायरल वीडियो को बताया नकली, कहा-देश की किसी भी लैब से करवाई जा सकती है जांच
चंडीगढ़। सिख गुरुओं के संबंध में एक विवादित वीडियो वायरल होने तथा कथित टिप्पणियों के आरोपों के चलते पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार को अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए। मुख्यमंत्री मान ने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडग़ज को रिपोर्ट भी सौंपी है।
भगवंत मान अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने वाले सूबे के चौथे मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले दिवंगत भीम सेन सच्चर, सुरजीत सिंह बरनाला और प्रकाश सिंह बादल को भी अकाल तख्त में तलब किया जा चुका है। गुरुओं के अपमान के आरोपों पर जत्थेदार की तरफ से पांच जनवरी को मुख्यमंत्री भगवंत मान को नोटिस जारी करके पेश होने के लिए कहा गया था। भगवंत मान आज सुबह नंगे पांव दरबार साहिब पहुंचे। यहां माथा टेकने के बाद वह दस्तावेज के साथ अकाल तख्त साहिब सचिवालय में गए, जहां करीब 40 मिनट तक उन्होंने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गडग़ज से बातचीत की।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में भगवंत मान ने कहा कि सोशल मीडिया पर नरेटिव बनाया जा रहा है कि मैं अकाल तख्त को चैलेंज कर रहा हूं। मेरी ऐसी न हिम्मत है और न ही औकात है। सीएम ने कहा कि अगले जो भी निर्देश या फैसले होंगे, उसके बारे में हमें बता दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि मुझे सुकून और संतुष्टि हुई है कि लोगों की भावनाओं को कागज या अपने स्पष्टीकरण के रूप में जत्थेदार के आगे पेश किया। सोशल मीडिया पर वायरल आपत्तिजनक वीडियो को लेकर मैंने बताया कि वह नकली है, उसकी कहीं मर्जी से जांच करवा सकते हो।
अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गडग़ज ने कहा कि सीएम यहां आए और अपना स्पष्टीकरण दिया। गोलक को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया, इसे हमने रख लिया है। आने वाले दिनों में 5 सिंह साहिबान की बैठक होगी, उसमें इस पर विचार होगा। जत्थेदार ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराएंगे, ताकि इसकी सच्चाई सामने आ सके। अकाल तख्त किसी से कोई बैर नहीं रखता। सिख सिद्धांत और रिवायतों को लेकर भी उन्होंने स्पष्टीकरण दिया।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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